इंद्रप्रस्थ कालोनी हत्याकांड: मृतक की पहली तस्वीर आई सामने

रायपुर से बड़ी खबर

Update: 2025-06-24 13:37 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। अज्ञात आरोपियों ने एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और शव को एक सूटकेस में बंद कर दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने शव को छिपाने के लिए सूटकेस पर मोटा सीमेंट का प्लास्टर भी चढ़ा दिया। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सूटकेस को कब्जे में लिया और शव की पहचान की कोशिश की। इस बीच मृतक की पहली तस्वीर सामने आई है, जिससे पहचान में मदद मिली है।

पुलिस इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शव की स्थिति और जिस तरीके से प्लानिंग के तहत उसे सूटकेस में छिपाकर सीमेंट से बंद किया गया, वह इस अपराध की निर्ममता और साजिश की ओर इशारा करता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सोमवार सुबह मेरठ जैसी एक भयावह वारदात सामने आई, जिसने पूरे शहर को दहला दिया। एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई, फिर शव को एक सूटकेस में डालकर उस पर सीमेंट का मोटा प्लास्टर चढ़ा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने हत्या के मुख्य आरोपी वकील अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, फेज-2 के फ्लैट नंबर LIG 321 में सामने आई, जहां ट्रंक में बंद सीमेंट से ढंकी हुई लाश बरामद की गई थी। मृतक की पहचान किशोर पैकरा के रूप में हुई है, जो चलने-फिरने में असमर्थ था और मोमिनपारा स्थित पुश्तैनी मकान में अकेले रहता था।

CCTV में हुए कैद
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अंकित उपाध्याय और उसकी पत्नी शिवानी शर्मा हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की साजिश के तहत टीन की बड़ी पेटी में लाश रखकर फ्लैट से बाहर ले गए। ये दोनों रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली फरार हो गए थे। आरोपियों के भागने से पहले की गतिविधियां कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं, जिसमें वे कार में शव ले जाते दिखे। कार के आगे-पीछे एक संदिग्ध युवती स्कूटी से मंडराते भी नजर आई।

साजिश रचने में दिखी चालाकी
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई। अल्टो गाड़ी में सेंट्रो की नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। पीछे की नंबर प्लेट को तोड़ भी दिया गया था।

पुरानी जान-पहचान बनी वजह?
सूत्रों के मुताबिक मृतक किशोर पैकरा और मुख्य आरोपी अंकित उपाध्याय एक-दूसरे को पहले से जानते थे। अंकित मृतक को रोज खाना और जरूरत की चीजें पहुंचाता था। इतना ही नहीं, वह किशोर की जमीन से जुड़े कानूनी मामलों को भी देख रहा था। पुलिस को शक है कि जमीन विवाद ही इस निर्मम हत्या की वजह हो सकती है। फिलहाल रायपुर पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ला रही है, जिसके बाद पूछताछ में पूरे मामले का और बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
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