BILASPUR बिलासपुर। चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ार स्थित शासकीय स्कूल परिसर में लगे बोरवेल का केबल तार काटकर चोरी करने के मामले में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया करीब 30 मीटर लंबा कटा हुआ केबल तार बरामद किया गया है। चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को शासकीय स्कूल कड़ार के प्रधान पाठक पन्नालाल कौशिक चकरभाठा थाने पहुंचे और चोरी की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति स्कूल परिसर में लगे बोरवेल का करीब 30 मीटर केबल तार काटकर चोरी कर ले गया है।
सरकारी स्कूल से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से चोरी में शामिल संदिग्धों के संबंध में सूचना मिली। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर चार युवकों की तलाश शुरू की गई। चारों को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने बोरवेल का केबल तार चोरी करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर करीब 30 मीटर लंबा कटा हुआ बोरवेल केबल तार बरामद कर जब्त किया गया। पुलिस ने मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय दीपक साहू, 19 वर्षीय रामनारायण साहू, 22 वर्षीय आनंद खरे और 24 वर्षीय पुरुषोत्तम वर्मा के रूप में हुई है। चारों ग्राम कड़ार थाना चकरभाठा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। मामले में चोरी की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सरकारी स्कूल के बोरवेल का केबल चोरी होने से स्कूल की आवश्यक सुविधाएं प्रभावित होने की आशंका थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर चोरी का सामान बरामद करने की कार्रवाई की। चकरभाठा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि क्षेत्र में चोरी या अन्य किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल स्थानीय थाने को सूचना दें। आपात स्थिति या अपराध से संबंधित सूचना डायल 112 पर भी दी जा सकती है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों से समय पर मिलने वाली जानकारी अपराधों की रोकथाम और आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित होती है।