DURG दुर्ग। सड़क पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखे जैसी तेज आवाज निकालने वाले वाहन के खिलाफ यातायात पुलिस ने कार्रवाई की है। खास बात यह है कि यह कार्रवाई एक आम नागरिक से मिली शिकायत के बाद की गई। वाहन में नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। पुलिस ने वाहन को पकड़कर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए सुपेला थाने के सुपुर्द कर दिया है। वहीं पुलिस को देखकर चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। यातायात पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 को नेहरू नगर निवासी एक नागरिक ने शिकायत की थी कि एक वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया गया है। वाहन को बिना नंबर प्लेट के तेज गति से चलाया जा रहा था और उसके साइलेंसर से पटाखे फूटने जैसी तेज आवाज निकल रही थी। इससे आसपास रहने वाले लोगों और सड़क से गुजरने वालों को परेशानी हो रही थी।
शिकायत मिलने के बाद यातायात पुलिस ने तत्काल वाहन की तलाश शुरू की। एएसआई प्रवीण सिंह ने कार्रवाई करते हुए शासकीय स्कूल कोसानाला के पास संदिग्ध वाहन को पकड़ लिया। पुलिस को सामने देखकर चालक वाहन को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की जांच की। जांच में वाहन पर नंबर प्लेट नहीं लगी मिली। साथ ही कंपनी द्वारा दिए गए सामान्य साइलेंसर के स्थान पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाए जाने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, इसी साइलेंसर से तेज और कर्कश आवाज उत्पन्न की जा रही थी।
यातायात पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए सुपेला थाने के सुपुर्द कर दिया है। फरार चालक के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यातायात पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के साथ आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खास तौर पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज करने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में कंपनी द्वारा निर्धारित साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज और कर्कश आवाज उत्पन्न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी वाहन चालकों को वाहन पर वैध नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य बताया गया है। यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले या लोगों के लिए परेशानी पैदा करने वाले वाहनों की जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।