BILASPUR बिलासपुर। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीपत थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 4,750 प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट जब्त करने का दावा किया है। इनका कुल वजन 2,495.64 ग्राम बताया गया है। पुलिस के अनुसार जब्त मशरूका की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 22(सी) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, एसीसीयू की टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम गुड़ी निवासी उग्रसेन लोनिया अपने बेटे मुकेश लोनिया और रिश्तेदार परमेश्वर लोनिया के साथ मिलकर दूसरे राज्य से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट मंगाकर बेचने की तैयारी कर रहा है।
सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एसीसीयू और सीपत थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने रणनीति के तहत ग्राम गुड़ी स्थित उग्रसेन लोनिया के घर पर दबिश दी। पुलिस का दावा है कि छापेमारी के दौरान उग्रसेन लोनिया, उसका पुत्र मुकेश लोनिया और परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा मौके पर मिले। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्रॉक्सिको स्पास कैप्सूल और अल्प्राविन टैबलेट बरामद किए गए। कुल 4,750 कैप्सूल और टैबलेट जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास इन दवाओं को रखने या बेचने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा चिकित्सकीय पर्चा नहीं मिला। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 60 वर्षीय उग्रसेन लोनिया, 30 वर्षीय मुकेश कुमार लोनिया और 20 वर्षीय परमेश्वर लोनिया उर्फ कोंदा शामिल हैं। तीनों ग्राम गुड़ी लोनियापारा के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुकेश लोनिया पूर्व में भी नारकोटिक्स एक्ट से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस अब मामले में एंड-टू-एंड जांच कर नशीली दवाओं की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी है। दवाएं कहां से लाई गईं और किन लोगों को सप्लाई की जानी थीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े आरोपियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति की जानकारी जुटाकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई में सीपत थाना और एसीसीयू के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना की है।
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