Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जिले के ग्राम पारागांव में स्कूल परिसर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। स्कूल परिसर में मौजूद महिला शौचालय को हटाकर वहां उपस्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर स्कूली बच्चों में नाराजगी फैल गई। विरोध में छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। मामला गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के ग्राम पारागांव का है। जानकारी के अनुसार गांव के स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में स्थित महिला शौचालय को तोड़कर वहां उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण की तैयारी की जा रही है। इसी प्रस्ताव का स्कूली बच्चों ने विरोध शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि स्कूल परिसर में पहले से मौजूद जरूरी सुविधाओं को हटाना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि महिला शौचालय हटाए जाने से छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बच्चों ने मांग की है कि स्कूल की सुविधाओं को सुरक्षित रखा जाए और किसी भी नए निर्माण से पहले विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यान में रखा जाए। विरोध के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर एकत्रित हो गए। छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद बच्चे सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। छात्रों के सड़क पर बैठने से कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने ग्राम सरपंच के खिलाफ भी नाराजगी जाहिर की। छात्रों का आरोप है कि स्कूल परिसर से जुड़ा इतना महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधन से चर्चा की जानी चाहिए थी। बच्चों ने कहा कि शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि प्रदर्शन के दौरान मौके पर किसी बड़े अधिकारी के पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है। अब प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है, यह देखने वाली बात होगी।
स्कूल परिसर में स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की मूलभूत सुविधाओं को बनाए रखना भी जरूरी है। ऐसे में प्रशासन को दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना होगा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक है। किसी भी निर्माण कार्य से पहले स्कूल की जरूरतों और विद्यार्थियों की सुविधा का आकलन किया जाना चाहिए। फिलहाल ग्राम पारागांव में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों और प्रशासन की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। छात्रों की मांगों पर विचार कर जल्द समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।
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