Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से ₹7.24 लाख की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी के पैसों से खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जानकारी के मुताबिक, संबलपुर निवासी 28 वर्षीय डिम्पल मानिकपुरी ने 11 अक्टूबर को भानुप्रतापपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी अर्जुनदास महंत और उसका साथी श्याम सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठ रहे थे। दोनों ने 3 अक्टूबर 2023 से 16 अगस्त 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में कैश और ऑनलाइन माध्यम से कुल ₹7,24,232 की रकम ठग ली। पीड़िता ने जब बार-बार पैसे लौटाने या नौकरी के बारे में जानकारी मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
आखिरकार परेशान होकर उसने पुलिस की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी ने विशेष टीम गठित की, जिसने तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी का पता लगाया। पुलिस टीम ने पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिले में दबिश देकर 28 वर्षीय अर्जुनदास महंत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम से एक स्कॉर्पियो (CG 10 P 9977) और 10 हजार रुपए का मोबाइल खरीदने की बात कबूल की। पुलिस ने दोनों वस्तुएं जब्त कर ली हैं। भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस अब आरोपी के साथी श्याम की तलाश कर रही है, जिसकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने बताया कि यह ठगी का गिरोह युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर फंसाने का काम करता था। आरोपी खुद को मंत्रालय और विभिन्न विभागों में संपर्क रखने वाला बताता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने अन्य लोगों को भी इस तरह से ठगा है। भानुप्रतापपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी नौकरी या भर्ती प्रक्रिया में पैसे मांगने की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि ऐसे ठगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।