कुसमी पुलिस ने दुष्कर्म आरोपी को किया गिरफ्तार

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Update: 2025-11-06 15:41 GMT
Balrampur. बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कुसमी पुलिस ने एक शर्मनाक दुष्कर्म मामले में आरोपी विनय उरांव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई 6 नवंबर को की गई। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 5 नवंबर को कुसमी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि 23 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 4 बजे, जब वह शौच के लिए गई थी और घर लौट रही थी, तब नीलकंठपुर निवासी विनय उरांव ने उसे पकड़ लिया।

आरोपी ने पीड़िता को खींचकर अपने घर ले गया और एक दिन और रात भर उसे वहां रखा। इस दौरान उसने कई बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने धमकी दी कि उसका पति घर से बाहर काम करने गया है और वह किसी को इस घटना के बारे में नहीं बताए। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि 25 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 तक, आरोपी ने अर्रा डोंगरी जंगल में भी दो दिनों तक उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। पीड़िता की शिकायत के आधार पर कुसमी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64(2)(m) और 127(2) के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी और उसे हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद 6 नवंबर को विनय उरांव को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। कुसमी थाना पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में पुलिसकर्मियों ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि पीड़िता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी हो रही है और मामले की जांच जारी है।

स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कहा कि ऐसे मामलों में समाज और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। बलरामपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी को भी ऐसी घटनाओं की जानकारी हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और अपराध निवारण के लिए पुलिस सतत प्रयासरत है। यह मामला एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताता है। पुलिस की तत्पर कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कुसमी थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक जांच जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार और संदिग्धों की पहचान भी की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और नागरिकों में विश्वास बढ़ेगा।
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