Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने शुक्रवार को सारंगढ़ स्थित पीएमश्री स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक के शिक्षण स्तर का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न केवल शिक्षण व्यवस्था का मूल्यांकन किया, बल्कि आगामी 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन भी दिया।
निरीक्षण की शुरुआत प्राथमिक कक्षाओं से हुई, जहां डॉ. कन्नौजे ने ब्लैकबोर्ड पर लिखे वाक्य को छात्रों से पढ़ने के लिए कहा। एक छात्र ने धाराप्रवाह पढ़कर सुनाया, जबकि दाईं ओर बैठे अन्य बच्चे भी तैयार नजर आए। लेकिन बाईं ओर बैठे कुछ छात्र वाक्य पढ़ने में असमर्थ दिखे। इसे देखते हुए कलेक्टर ने शिक्षकों को दोनों ओर बैठे बच्चों के सीखने के अंतर को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षा में सभी बच्चों को समान रूप से समझ आने वाली शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि किसी भी बच्चे की सीखने की रफ्तार पीछे न रह जाए।
इसके बाद कलेक्टर 12वीं कक्षा के छात्रों से रूबरू हुए। तिमाही परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को दोहराते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से उनके उत्तर साझा करने के लिए कहा। कुछ विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए। जब कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर एक प्रश्न लिखने को कहा, तो एक छात्रा ने न केवल सही उत्तर लिखा, बल्कि उसका सूत्र भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया। इस पर डॉ. कन्नौजे ने उसकी सराहना की और अन्य छात्रों को भी इसी तरह तैयारी करने की सलाह दी।
भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और वाणिज्य जैसे मुख्य विषयों की तैयारी पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि पिछले कई वर्षों के बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से पूछा कि कौन टॉपर बनने की योग्यता रखता है, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का भाव देखा गया।
कलेक्टर ने परीक्षा के दिनों में स्वास्थ्य का ध्यान रखने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि उचित खानपान, पर्याप्त आराम और बीच-बीच में हल्की सैर करने से दिमाग तरोताजा रहता है और पढ़ाई का बोझ महसूस नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक शांति बनाए रखने और मेहनत के साथ तैयारी करने पर जोर दिया। इस दौरान स्कूल के प्राचार्य एल.पी. पटेल ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में प्रतिशत चाहे जो हो, आत्मविश्वास कभी कम नहीं होना चाहिए। डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहीं। कलेक्टर के इस निरीक्षण और मार्गदर्शन से स्कूल में सकारात्मक माहौल बना और विद्यार्थियों में बोर्ड परीक्षा को लेकर नई ऊर्जा का संचार हुआ।