Bilaspur. बिलासपुर। शहर में हिट एंड रन की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। रविवार सुबह उसलापुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने बाइक सवार युवक अर्जुन सूर्यवंशी (25) को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। मृतक अर्जुन सूर्यवंशी सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम सागर का निवासी था और पेशे से दीवार पुताई का काम करता था। जानकारी के अनुसार वह काम के सिलसिले में बाइक से बिलासपुर आ रहा था। तभी पीछे से आए अज्ञात चारपहिया वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही अर्जुन सड़क पर गिर पड़ा और उसके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। अर्जुन के पीछे दो युवक भी आ रहे थे, जिन्होंने उसे तुरंत सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर मृतक के बड़े भाई तिजऊ सूर्यवंशी परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान की जा सके। बीते सात वर्षों में जिले में हिट एंड रन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी अवधि में अज्ञात वाहनों की टक्कर से 130 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इनमें से एक भी मामले में आरोपी वाहन या चालक का पता नहीं चल सका। अधिकांश मामलों में पुलिस द्वारा खात्मा पेश कर दिया गया या जांच लंबित रही। पीड़ित परिवारों को न तो न्याय मिला और न ही मुआवजा या बीमा राशि।
परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं करती और केवल “जांच जारी है” कहकर मामले को टाल देती है। हिट एंड रन वह मामला होता है जब कोई अज्ञात वाहन किसी राहगीर या वाहन सवार को टक्कर मारकर मौके से फरार हो जाता है और वाहन व चालक की पहचान नहीं हो पाती। एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने इस घटना पर कहा कि पुलिस हिट एंड रन मामलों में पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी घटना के दौरान वाहन का नंबर या अन्य जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे पीड़ितों को न्याय मिलेगा और आरोपी वाहन चालकों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ ही इलाके में गहन पूछताछ और पैदल पेट्रोलिंग शुरू कर दी है। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जिले में करीब 2000 पुलिसकर्मी और कई सीसीटीवी कैमरों के बावजूद आरोपी वाहन चालकों का पता क्यों नहीं चल पा रहा।