ओम फर्टिलाइज़र पर कार्रवाई, स्टॉक में 298 बोरी कम मिलने पर जप्त

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Update: 2026-05-21 12:48 GMT
Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिले में कृषि आदानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले के सरायपाली और महासमुंद विकासखंड में संयुक्त टीमों ने विभिन्न खाद-उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में सरायपाली विकासखंड में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनुपमा आनंद और तहसीलदार श्रीधर पंडा के नेतृत्व में ओम फर्टिलाइज़र प्रतिष्ठान का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान स्टॉक में 298 बोरी खाद कम पाई गई, जिससे अनियमितता की पुष्टि हुई।

इस गंभीर गड़बड़ी के बाद मौके पर उपलब्ध स्टॉक को तत्काल जप्त कर लिया गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव कृषि विभाग को भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में स्टॉक रजिस्टर और भौतिक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। इसके अलावा महासमुंद विकासखंड में भी तहसीलदार जुगल किशोर पटेल के नेतृत्व में बग्गा कृषि सेवा केंद्र के दुकान एवं गोदाम तथा मार्कफेड खाद गोदाम तुमाडबरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद एवं उर्वरकों के भंडारण, वितरण व्यवस्था और संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई।

प्रशासनिक टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे उर्वरक मानक गुणवत्ता के हों और किसी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को निर्देश दिए कि स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को सही समय पर उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराना है। साथ ही कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाना भी इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी भी खाद-बीज विक्रेता या गोदाम में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस रद्द करने तक की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य खाद विक्रेताओं में भी सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
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