Yoga Tips: हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास

Update: 2026-02-22 05:01 GMT
Yoga Tips: पिछले कुछ वर्षों में देखा गया कि कम उम्र के ऐसे लोग जो जिम जाते हैं और फिटनेस पर ध्यान देते हैं, उन्हें दिल का दौरा पड़ा। ऐसे में लोग जिम जाने से भी डरने लगे हैं कि कहीं यह हृदय घात के खतरे की वजह तो नहीं। हालांकि हृदय रोग की समय पर पहचान करके और बचाव के उपायों को अपनाकर हृदय के जोखिम को कम किया जा सकता है। सबसे जरूरी है कि हृदय को स्वस्थ रखा जाए। इसके लिए दिनचर्या में पौष्टिक आहार को शामिल करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित योग-व्यायाम की आदत बनाने की भी सलाह देते हैं। योग हृदय की क्षमता को बढ़ाने में मदद करने के साथ ही अन्य रोगों के खतरे को भी कम करने में सहायक है। आइए जानते हैं हृदयाघात के जोखिम को कम करने और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए फायदेमंद योगासनों के बारे में।
प्राणायाम Pranayama
प्राणायाम का अभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। हृदय रोग का मुख्य कारक उच्च रक्तचाप होता है, जिसे कम करने के लिए भी यह योगासन किया जा सकता है। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है। वहीं हृदय पर बनने वाले किसी भी अतिरिक्त दबाव को प्राणायाम योगासन का अभ्यास कम कर सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम में भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम-विलोम की आदत डालें।
वीरभद्रासनVirabhadrasana
वीरभद्रासन योग का अभ्यास कई बीमारियों में फायदेमंद है। शरीर के संतुलन में सुधार और सहनशक्ति को बढ़ाने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। वीरभद्रासन रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और तनाव को कम करता है। हार्ट रेट को नियंत्रित करने के लिए वीरभद्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। इसके अलावा इस आसन को करने से पूरा शरीर लचीला होता है और हृदय की क्षमता में सुधार व हृदय की मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं।
हृदय की सेहत के लिए धनुरासन का अभ्यास भी असरदार है। इससे हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनती है, पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग के साथ ही हृदय पर अतिरिक्त पड़ने वाला दबाव कम होता है। साथ ही रक्त संचार में सुधार और रक्त परिसंचरण बेहतर कार्य करना है। सभी उम्र के लोगों के लिए नियमित धनुरासन योग का अभ्यास लाभकारी है।
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