सम्पादकीय - Page 19

दौर चाहे जैसा हो फिराक की शायरी का असर बरकरार

दौर चाहे जैसा हो फिराक की शायरी का असर बरकरार

पिछली सदी के सबसे महान उर्दू शायरों में से एक, रघुपति सहाय 'फ़िराक़' गोरखपुरी का जन्म 28 अगस्त, 1896 को हुआ था। 'फ़िराक़' (जिसका उर्दू में मतलब 'जुदाई' होता है) को 20वीं सदी की उर्दू शायरी के तीन 'F'...

1 Sept 2026 8:57 AM IST