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गैस उत्पादन पर संकट, पेज़ेशकियन ने अमेरिकी-इजरायली हमलों को बताया जिम्मेदार
Ratna Netam
8 Nov 2026 9:50 PM IST

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तेहरान। ईरान में सर्दियों की शुरुआत के साथ ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने देशवासियों से ईंधन और प्राकृतिक गैस की खपत कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के कारण ईरान की गैस उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे में देश के नागरिकों को ऊर्जा का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि घरेलू जरूरतों के साथ उद्योगों और कारखानों को भी पर्याप्त बिजली तथा गैस उपलब्ध कराई जा सके।राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने शनिवार, 7 नवंबर की रात दक्षिणी तेहरान के नॉर्थ खलीज-ए-फार्स इलाके में स्थित इमाम ज़ैन अल-आबिदीन मस्जिद का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासन, धार्मिक प्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश के सामने मौजूद ऊर्जा संबंधी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।राष्ट्रपति ने विशेष रूप से मस्जिदों से ऊर्जा संरक्षण अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की। उनका कहना था कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं लोगों को ईंधन बचाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। उन्होंने सर्दियों में गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए अनावश्यक खपत रोकने की आवश्यकता बताई।
अमेरिकी-इजरायली हमलों से गैस उत्पादन प्रभावित
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने ईरान की ऊर्जा समस्याओं के लिए अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों को एक प्रमुख कारण बताया है। उनके अनुसार, इन हमलों से देश के बिजली संयंत्रों और प्राकृतिक गैस उत्पादन से जुड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।अगस्त में राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के कारण प्रतिदिन लगभग 23 करोड़ घनमीटर गैस उत्पादन प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा था कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद सरकार ने व्यापक बिजली कटौती को रोकने के लिए प्रयास किए।राष्ट्रपति के अनुसार, ऊर्जा क्षेत्र को हुए नुकसान ने सर्दियों की तैयारियों को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। गैस उत्पादन में कमी के कारण घरेलू उपभोक्ताओं और औद्योगिक इकाइयों के बीच आपूर्ति का संतुलन बनाए रखना जरूरी हो गया है।
मस्जिदों से ऊर्जा संरक्षण अभियान चलाने की अपील
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान की लगभग 80 हजार मस्जिदें सामाजिक समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं से अपील की कि वे अपने आसपास रहने वाले नागरिकों को ऊर्जा बचाने के लिए जागरूक करें।उन्होंने कहा कि मस्जिदों को केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके लिए नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।राष्ट्रपति ने बसीज स्वयंसेवी बल और अन्य सामाजिक संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से ऊर्जा की खपत नियंत्रित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिल सकती है।
सरकारी विभागों को 20 प्रतिशत ऊर्जा बचाने का निर्देश
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए ईरानी सरकार ने सरकारी संस्थानों में भी खपत कम करने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने 5 नवंबर को सरकारी विभागों से ऊर्जा उपयोग में 20 प्रतिशत कटौती करने को कहा था।उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों को ऊर्जा बचत में उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।इसके अलावा परिवहन क्षेत्र में ईंधन के वितरण को अधिक व्यवस्थित बनाने की बात भी कही गई है। राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि वाहनों को मिलने वाला ईंधन कोटा उनकी वास्तविक यात्रा दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाना चाहिए। इससे रियायती ईंधन के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिल सकती है।
सर्दियों में गैस की मांग बढ़ने से चिंता
ईरान प्राकृतिक गैस के बड़े उत्पादक देशों में शामिल है। इसके बावजूद देश को ऊर्जा आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।सर्दियों के दौरान घरों को गर्म रखने के लिए प्राकृतिक गैस की मांग बढ़ जाती है। वहीं, बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी गैस की आवश्यकता होती है।ऊर्जा उत्पादन में कमी होने पर सरकार को घरेलू उपभोक्ताओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच आपूर्ति का संतुलन बनाए रखना पड़ता है।हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सैन्य हमलों से क्षतिग्रस्त गैस प्रसंस्करण सुविधाओं के कारण उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। इसके साथ लंबे समय से निवेश की कमी, प्रतिबंध और ऊर्जा के अत्यधिक घरेलू इस्तेमाल जैसी समस्याएं भी ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव डाल रही हैं।;
उद्योगों में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने चेताया कि यदि नागरिकों ने ऊर्जा की खपत कम नहीं की तो कारखानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को गैस की आपूर्ति में बाधा आ सकती है।ईरान में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। बिजली उत्पादन, पेट्रोकेमिकल उद्योग और अन्य औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।यदि इन क्षेत्रों में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होती है तो उत्पादन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं से खपत कम करने का आग्रह कर रही है।राष्ट्रपति ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
आर्थिक प्रतिबंधों ने बढ़ाईं मुश्किलें
पेज़ेशकियन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, आर्थिक अलगाव और सैन्य हमलों के कारण देश को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार अकेले सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। इसके लिए नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और निवेश संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आधुनिक तकनीक और आवश्यक उपकरणों तक सीमित पहुंच के कारण ऊर्जा सुविधाओं के विकास तथा रखरखाव पर भी असर पड़ा है।राष्ट्रपति ने अक्टूबर में गैस निर्यातक देशों के मंच की बैठक में भी ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाइयों ने ऊर्जा उत्पादन तथा आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किया है।
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जनभागीदारी पर जोर
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन की ताजा अपील ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान सर्दियों में बढ़ने वाली ऊर्जा मांग से निपटने की तैयारी कर रहा है।सरकार का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को आवश्यक गैस उपलब्ध कराने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी जारी रखना है। इसके लिए सरकारी विभागों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण में सहयोग मांगा जा रहा है।राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईंधन की बचत केवल सरकारी नीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी है।अब ईरान के सामने चुनौती यह है कि सैन्य हमलों से प्रभावित ऊर्जा सुविधाओं की बहाली, घरेलू मांग और औद्योगिक जरूरतों के बीच किस तरह संतुलन स्थापित किया जाए।
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