संभल। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव इशमपुर डांडा में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। आवारा पशुओं को भगाने के लिए खेत की ओर गई महिला जमीन पर पड़े बिजली के तार की चपेट में आ गई। करंट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
मृतका की पहचान गांव इशमपुर डांडा निवासी कमला देवी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब पांच बजे कमला देवी ने अपने घर के बाहर काफी संख्या में आवारा पशुओं को देखा। पशुओं को फसल और आसपास के क्षेत्र से दूर भगाने के लिए वह उन्हें खेतों की ओर ले जाने लगीं।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान पड़ोसी खेत के पास जमीन पर पड़ा बिजली का तार उनके पैर से छू गया। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण महिला को जोरदार झटका लगा। अचानक हुए हादसे से वह संभल नहीं पाईं।
परिजनों के अनुसार, करंट लगने के बाद कमला देवी ने बचने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उनका हाथ भी बिजली के तार से संपर्क में आ गया। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं और मौके पर ही तड़पने लगीं।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों को जानकारी हुई तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए और घर में चीख-पुकार मच गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली का तार खेत के पास पड़ा हुआ था, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुले में पड़े तारों और बिजली व्यवस्था की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। महिला की मौत की सूचना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कमला देवी की अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और रास्तों के आसपास बिजली के तारों की स्थिति की जांच होनी चाहिए। यदि समय रहते बिजली विभाग की ओर से ध्यान दिया जाता तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि खुले तार लोगों और पशुओं दोनों के लिए खतरा बने रहते हैं। उन्होंने मांग की कि इलाके में बिजली लाइनों की जांच कर खराब और खुले तारों को ठीक कराया जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हादसे के कारणों और बिजली तार के वहां पड़े होने की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खेतों और आबादी वाले इलाकों में बिजली व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
कमला देवी की मौत से गांव में दुख का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से परिवार को आर्थिक मदद देने और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।