लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून अभी पूरी तरह विदा होने के मूड में नहीं है। सितंबर के दूसरे सप्ताह में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का सिलसिला देखने को मिल सकता है। **12 सितंबर से अगले करीब सात दिनों के दौरान कहीं हल्की बारिश, कहीं छिटपुट बौछार और कुछ स्थानों पर गरज वाले मौसम की संभावना बनी हुई है।** हालांकि पूरे प्रदेश में हर दिन भारी बारिश होने जैसी स्थिति फिलहाल नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 11 सितंबर को जारी आधिकारिक चेतावनी में 12 से 17 सितंबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम के इस बदले मिजाज के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बारिश के बाद कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश नहीं होने वाले इलाकों में उमस परेशान कर सकती है। राज्यस्तरीय पूर्वानुमान में 12 सितंबर को हल्की बारिश और इसके बाद भी अगले कई दिनों तक कहीं-कहीं बौछार या गरज वाले मौसम की संभावना दिखाई दे रही है।
12 सितंबर को कैसा रहेगा यूपी का मौसम?
शनिवार 12 सितंबर को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है।
कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बौछार पड़ने की संभावना है।
दिन के दौरान धूप और बादलों का मिला-जुला असर भी देखने को मिल सकता है। जहां बारिश नहीं होगी वहां उमस ज्यादा महसूस हो सकती है।
राज्यस्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
हालांकि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा राज्य है, इसलिए अलग-अलग जिलों में तापमान और बारिश की स्थिति में काफी अंतर हो सकता है।
13 सितंबर को गरज वाले मौसम के आसार
13 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
स्थानीय स्तर पर बादल विकसित होने से कुछ जगह अचानक बौछार पड़ सकती है।
इस तरह की बारिश में एक जिले के कुछ हिस्सों में तेज बौछार हो सकती है, जबकि कुछ किलोमीटर दूर मौसम लगभग सूखा रह सकता है।
इसी वजह से स्थानीय मौसम की जानकारी के लिए जिला स्तर की चेतावनी पर नजर रखना ज्यादा उपयोगी होगा।
14 सितंबर को भी बारिश की संभावना
14 सितंबर को भी प्रदेश में बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होगी।
राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछार देखने को मिल सकती है।
हालांकि IMD की मौजूदा उपखंड चेतावनी में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए इस दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि बारिश बिल्कुल नहीं होगी।
IMD का 'No Warning' सामान्यतः यह बताता है कि उस उपखंड के लिए चेतावनी योग्य गंभीर मौसम की स्थिति फिलहाल अपेक्षित नहीं है। स्थानीय स्तर पर हल्की या छिटपुट बारिश फिर भी संभव हो सकती है।
15 सितंबर को छिटपुट बौछार
15 सितंबर के पूर्वानुमान में भी एक-दो स्थानों पर छोटी अवधि की बौछार की संभावना दिखाई देती है।
सितंबर में मानसून कमजोर होने के चरण में अक्सर बारिश का वितरण असमान रहता है।
कुछ क्षेत्रों में बादल और बारिश राहत देते हैं तो दूसरे हिस्सों में धूप निकलने से गर्मी और उमस बढ़ जाती है।
ऐसे में प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों तक बारिश और उमस दोनों तरह के मौसम के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
16 सितंबर को फिर बारिश के संकेत
16 सितंबर को भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है।
इस दौरान तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई देती।
अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रह सकता है।
इस वजह से बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने पर उमस महसूस हो सकती है।
17 और 18 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
17 सितंबर को भी एक-दो छोटी अवधि की बौछार की संभावना बनी हुई है।
18 सितंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं।
यानी अगले सात दिनों की तस्वीर यह संकेत देती है कि मानसून की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हो रही हैं।
लेकिन इसका मतलब लगातार सात दिन पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होना नहीं है।
बारिश अलग-अलग दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में हो सकती है।
पूर्वी यूपी में क्या स्थिति?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में सितंबर के दौरान नमी उपलब्ध रहने पर स्थानीय स्तर पर गरज वाले बादल तेजी से विकसित हो सकते हैं।
पूर्वांचल के जिलों में इसलिए छिटपुट बारिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हालांकि IMD की 11 सितंबर की आधिकारिक चेतावनी के मुताबिक 12 से 17 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश, बहुत भारी बारिश या आंधी-बिजली की कोई उपखंड स्तरीय चेतावनी जारी नहीं की गई है।
लोगों को फिर भी स्थानीय नाउकास्ट पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि गरज वाले बादल कम समय में विकसित हो सकते हैं।
पश्चिमी यूपी में भी बदलता रहेगा मौसम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की गारंटी नहीं है।
कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना रह सकती है।
दिल्ली-NCR से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में भी स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का असर अलग-अलग हो सकता है।
लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी IMD की मौजूदा चेतावनी में 12 से 17 सितंबर तक कोई गंभीर मौसम अलर्ट नहीं दिया गया है।
बारिश के बाद बढ़ सकती है उमस
सितंबर के मौसम में एक आम समस्या उमस है।
बारिश होने के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है। इसके बाद अगर धूप निकलती है तो वास्तविक तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है।
यही वजह है कि बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी से पूरी राहत मिलना जरूरी नहीं है।
दिन में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने पर अधिक नमी के कारण बाहर निकलना असहज महसूस हो सकता है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण मौसम
उत्तर प्रदेश में इस समय खरीफ की फसलों के लिए मौसम बेहद महत्वपूर्ण है।
धान समेत कई फसलों को पानी की जरूरत होती है, इसलिए नियंत्रित और हल्की से मध्यम बारिश किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
लेकिन खेत में पानी पहले से भरा हो तो अतिरिक्त बारिश समस्या पैदा कर सकती है।
किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव का समय तय करना चाहिए।
अगर अगले कुछ घंटों में बारिश की संभावना है तो कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव टालना बेहतर हो सकता है।
बिजली चमके तो बरतें सावधानी
भले ही अगले दिनों के लिए यूपी में व्यापक गंभीर चेतावनी जारी नहीं है, मानसून के मौसम में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की स्थिति तेजी से बन सकती है।
आकाशीय बिजली के समय खुले खेत, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
अगर तेज गरज सुनाई दे तो सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर जाना बेहतर है।
खेत में काम करने वाले लोगों को मौसम बदलने पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
वाहन चालकों को भी रहना होगा सावधान
बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता अचानक कम हो सकती है।
शहरों में जलभराव और सड़कों के गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं।
दोपहिया वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति कम रखनी चाहिए।
पानी से भरे गड्ढे की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, इसलिए अनजान जलभराव वाली सड़क से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
सितंबर में क्यों जारी है बारिश?
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः सितंबर के दौरान धीरे-धीरे वापसी की प्रक्रिया में प्रवेश करता है।
लेकिन मानसून की वापसी पूरे देश से एक साथ नहीं होती।
वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल होने पर उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में सितंबर के दौरान भी बारिश होती रहती है।
स्थानीय नमी, निम्न दबाव की प्रणालियां और दूसरी मौसमी परिस्थितियां बारिश की गतिविधि को प्रभावित करती हैं।
इसी कारण सितंबर के दूसरे सप्ताह में भी यूपी में बारिश की संभावना बनी हुई है।
पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश का भौगोलिक विस्तार काफी बड़ा है।
पश्चिम में सहारनपुर और नोएडा से लेकर पूर्व में बलिया और सोनभद्र तक मौसम एक जैसा नहीं रहता।
इसलिए 'उत्तर प्रदेश में बारिश' का मतलब यह नहीं है कि सभी 75 जिलों में एक ही समय बारिश होगी।
किसी दिन पश्चिमी हिस्से में बारिश ज्यादा हो सकती है तो दूसरे दिन पूर्वांचल के कुछ जिलों में बादल बरस सकते हैं।
यही वजह है कि प्रदेशस्तरीय पूर्वानुमान के साथ जिला स्तर का अपडेट भी देखना जरूरी है।
अगले 7 दिनों का मोटा ट्रेंड
12 सितंबर से अगले सात दिनों के पूर्वानुमान का मोटा संकेत देखें तो प्रदेश में मानसून की हल्की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
12 सितंबर को हल्की बारिश, 13 सितंबर को कुछ जगह गरज वाला मौसम और 14 सितंबर को बारिश की संभावना है।
15 सितंबर को एक-दो छोटी बौछार, 16 सितंबर को हल्की बारिश और 17 सितंबर को फिर छिटपुट बौछार की स्थिति बन सकती है।
18 सितंबर तक कुछ हिस्सों में गरज वाले बादल विकसित होने की संभावना दिखाई देती है।
लेकिन इन सभी दिनों में बारिश का वितरण समान नहीं होगा।
फिलहाल भारी बारिश का अलर्ट नहीं
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि IMD की 11 सितंबर को जारी आधिकारिक उपखंड चेतावनी में 12 से 17 सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
11 सितंबर के लिए दोनों हिस्सों में गरज-चमक और तेज मौसमी गतिविधि की चेतावनी थी, लेकिन 12 सितंबर से इसे हटा लिया गया है।
इसलिए अगले दिनों में मौसम बदलता रहेगा, लेकिन फिलहाल व्यापक स्तर पर गंभीर बारिश की चेतावनी नहीं है।
बदल सकता है पूर्वानुमान
मौसम का पूर्वानुमान लगातार अपडेट होता रहता है।
खासकर गरज-चमक और स्थानीय बारिश की स्थिति कुछ घंटों में बदल सकती है।
इसलिए किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को IMD की ताजा जिला स्तरीय चेतावनी और नाउकास्ट देखते रहना चाहिए।
फिलहाल तस्वीर यही है कि **12 सितंबर से अगले करीब सात दिनों तक यूपी के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बौछारों की संभावना बनी रहेगी, लेकिन पूरे प्रदेश में लगातार भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।**