उत्तर प्रदेश

कमलेश पाठक समेत 10 दोषी करार कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Ratna Netam
19 Aug 2026 3:44 PM IST
कमलेश पाठक समेत 10 दोषी करार कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
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उत्तर प्रदेश : औरैया जिले के चर्चित अधिवक्ता और उनकी बहन हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट के इस फैसले के बाद वर्षों पुराने इस हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, सजा सुनाए जाने के बाद पूरे मामले की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
यह मामला साल 2020 में औरैया जिले में हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है। आरोप था कि अधिवक्ता शिवम पाठक और उनकी बहन रश्मि पाठक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। हत्या के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।
पुलिस जांच में सामने आया था कि घटना के पीछे जमीन और संपत्ति से जुड़ा विवाद मुख्य वजह बताया गया था। मामले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी की और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी। इसके साथ ही अदालत ने आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया।
फैसले के दौरान अदालत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और सभी की नजर फैसले पर टिकी हुई थी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि यह मामला बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। सरकारी वकील ने आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का कहना था कि दो लोगों की हत्या कर पूरे समाज में भय का माहौल पैदा किया गया था।
वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपियों की ओर से कई दलीलें पेश कीं और मामले में राहत देने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों को देखने के बाद दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
कमलेश पाठक उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम रहे हैं। वह विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उनके खिलाफ हत्या के इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी काफी चर्चा पैदा की थी। मामले में उनका नाम आने के बाद विपक्ष ने भी सरकार और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे।
दोहरे हत्याकांड के बाद औरैया में लोगों में काफी आक्रोश देखा गया था। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पीड़ित परिवार भी लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए हुए था।
अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है। परिवार का कहना है कि लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार न्याय मिला है। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत किया और दोषियों को मिली सजा को उचित बताया।
इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच आगे बढ़ाई गई थी। कई चरणों की जांच और सुनवाई के बाद अब अदालत का अंतिम फैसला सामने आया है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में अदालत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला करती है। इस मामले में भी अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद दोषियों को सजा सुनाई है।
औरैया का यह हत्याकांड उत्तर प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल रहा है। अब अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पूर्व एमएलसी समेत 10 लोगों को मिली उम्रकैद की सजा को न्यायिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
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