बनारस में भंडारे की परंपरा आज भी कायम इन जगहों पर मिलता है निशुल्क भोजन
मुफ्त भोजन बनारस के इन भंडारों में कोई नहीं रहता भूखा
वाराणसी : बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में सेवा और दान की परंपरा सदियों पुरानी है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं, जरूरतमंदों और यात्रियों के लिए कई स्थानों पर अन्नदान और भंडारे की व्यवस्था होती रहती है। काशी में कई मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से मुफ्त भोजन कराया जाता है।
मां अन्नपूर्णा मंदिर में मिलता है प्रसाद और भोजन
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर को अन्नदान की परंपरा के लिए विशेष माना जाता है। यहां अन्नक्षेत्र के माध्यम से श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा की नगरी में कोई भूखा नहीं रहता।
काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र
विश्वनाथ गली और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों के दौरान भंडारे और प्रसाद वितरण होते रहते हैं। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए कई संस्थाएं अन्न सेवा चलाती हैं।
संकट मोचन मंदिर
संकट मोचन हनुमान मंदिर के आसपास भी विशेष अवसरों पर भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाती है। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के समय यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
तुलसी मानस मंदिर क्षेत्र
तुलसी मानस मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थलों पर भी समय-समय पर भंडारे आयोजित होते हैं। धार्मिक संस्थाएं यात्रियों और भक्तों के लिए भोजन सेवा चलाती हैं।
आश्रम और अन्नक्षेत्र
काशी के कई आश्रम और अखाड़े नियमित रूप से अन्न सेवा चलाते हैं। यहां साधु-संतों के साथ जरूरतमंद लोगों और श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है। काशी में कई स्थानों पर रोजाना या विशेष दिनों में भंडारे आयोजित होते हैं।
ध्यान रखें
भंडारे की जगह और समय अक्सर किसी विशेष तिथि, धार्मिक आयोजन या संस्था के कार्यक्रम पर निर्भर करता है। इसलिए जाने से पहले स्थानीय मंदिर या आश्रम से समय की पुष्टि कर लेना बेहतर रहता है।