Prayagrajप्रयागराज: हाल ही में मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी और दो बार आगजनी की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अटूट बनी हुई है और वे बड़ी संख्या में पवित्र स्नान के लिए महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। शनिवार, 1 फरवरी को महाकुंभ मेले का 20वां दिन था, जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और शाम 4 बजे तक करीब 1 करोड़ 80 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे।
देश के कोने-कोने से लोग इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने आ रहे हैं। हाल ही में हुए हादसे भी श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति को कम नहीं कर पाए। 32 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान 144 साल बाद विशेष संयोग में आयोजित महाकुंभ में श्रद्धालुओं की आस्था, भक्ति और उत्साह चरम पर है। अब तक करीब 32 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर चुके हैं। इस दिन 10 लाख कल्पवासियों और 1 करोड़ 70 लाख आम श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
महाकुंभ शुरू होने से पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि 46 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में कुल 40 करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे। 13 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक 31 करोड़ 46 लाख लोग स्नान कर चुके हैं, जबकि यह आयोजन 26 फरवरी तक चलेगा। ऐसे में उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की संख्या 40 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। मौनी अमावस्या पर भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 2 फरवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संगम नोज और गंगा घाटों का निरीक्षण किया। इससे पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी महाकुंभ में पवित्र स्नान किया।
बसंत पंचमी के अमृत स्नान से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के प्रबंधन में बदलाव किया है। कुंभ क्षेत्र में आवाजाही सुचारू रखने के लिए मार्गों का पुनर्गठन किया गया है, वहीं अनावश्यक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए प्रबंधन के तहत चार एसएसपी और तीन एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारियों की तैनाती की गई है।
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