चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां कुएं से समरसेबल पंप निकालने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन किसानों की मौत हो गई, जबकि एक किसान की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के बाद गांव में मातम पसर गया है। घटना ने एक बार फिर पुराने कुओं और बंद जगहों में बिना सुरक्षा इंतजाम के उतरने के खतरों को सामने ला दिया है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा चंदौली जिले के शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में हुआ। गांव में स्थित एक कुएं में खराब पड़े समरसेबल पंप को निकालने के लिए चार लोग नीचे उतरे थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुएं के अंदर जहरीली गैस जमा है। जैसे ही वे कुएं की गहराई में पहुंचे, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और दम घुटने की स्थिति पैदा हो गई।
बताया जा रहा है कि सबसे पहले एक व्यक्ति कुएं में समरसेबल निकालने के लिए उतरा। काफी देर तक उसकी कोई आवाज नहीं आने पर दूसरे लोग उसे देखने के लिए नीचे उतर गए। एक के बाद एक चार लोग जहरीली गैस की चपेट में आ गए। बाहर मौजूद ग्रामीणों ने जब स्थिति देखी तो तत्काल बचाव की कोशिश शुरू की और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव अभियान चलाकर सभी लोगों को कुएं से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक व्यक्ति का इलाज जारी है।
हादसे में मृतकों की पहचान जमाल, तौकीर आलम और वारिस अली के रूप में बताई गई है, जबकि समशेर नामक व्यक्ति का इलाज चल रहा है। एक साथ तीन लोगों की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कुएं में कैसे बनती है जहरीली गैस?
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने और लंबे समय से बंद या कम इस्तेमाल होने वाले कुओं में कई बार जहरीली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसी जगहों पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसें मौजूद हो सकती हैं। इन गैसों की मौजूदगी का पता कई बार बिना उपकरणों के नहीं चल पाता।
इसी वजह से कुएं, टैंक या बोरवेल जैसी बंद जगहों में उतरने से पहले सुरक्षा जांच बेहद जरूरी होती है। बिना मास्क, ऑक्सीजन सपोर्ट और सुरक्षा उपकरणों के अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
ग्रामीणों में फैला डर और प्रशासन की अपील
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि समरसेबल और कुएं से जुड़े काम अक्सर मजबूरी में खुद ही करने पड़ते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसे हादसे हो जाते हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कुएं या किसी बंद स्थान में उतरने से पहले सावधानी बरतें। यदि किसी स्थान पर गैस जमा होने की आशंका हो तो विशेषज्ञों और बचाव टीम की मदद लेनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
हादसे की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना को लेकर प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
सुरक्षा में लापरवाही बनी बड़ी वजह
ग्रामीण इलाकों में अक्सर किसान और मजदूर खराब उपकरणों को ठीक करने या मरम्मत के लिए खुद कुएं और बोरवेल में उतर जाते हैं। लेकिन कई बार अंदर का वातावरण बेहद खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर जाने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन की व्यवस्था और बचाव उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी कई लोगों की जिंदगी बचा सकती है।
चंदौली की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि किसी भी बंद स्थान में बिना सुरक्षा उपायों के प्रवेश करना कितना खतरनाक हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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