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एयर होस्टेस से पुलिस अफसर बनीं नेहा पचिसिया निलंबित, जमीन सौदे में आरोप

भोपाल/कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी की सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (CSP) नेहा पचिसिया को जमीन सौदे से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने पुलिस पद और सरकारी तंत्र का कथित दुरुपयोग करते हुए एक परिवार पर दबाव बनाया और करीब 82.87 लाख रुपये की सरकारी गाइडलाइन कीमत वाली जमीन महज 18.20 लाख रुपये में बिकवा दी। मामले में उनके खिलाफ धोखाधड़ी, दबाव बनाने और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के आरोपी के परिवार पर दबाव का आरोप
मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र की खसरा नंबर 2618/1 की जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार इस जमीन की कीमत 82,86,930 रुपये थी, लेकिन कथित तौर पर इसकी रजिस्ट्री सिर्फ 18.20 लाख रुपये में कराई गई।
आरोप है कि जमीन के मालिक रमेश लोधी उस समय एक आपराधिक मामले में जेल में थे। इसी दौरान पुलिसिया दबाव का इस्तेमाल कर उनके परिवार को जमीन बेचने के लिए मजबूर किया गया। जमीन की रजिस्ट्री मरूफ अहमद हनफी के नाम पर हुई। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये चेक और 3.20 लाख रुपये नकद भुगतान दिखाया गया।
जांच अधिकारियों के अनुसार, जमीन खरीदने वाले व्यक्ति के खाते में सौदे से पहले पर्याप्त रकम नहीं थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक 11 जुलाई 2025 को खाते में केवल 3,036 रुपये थे, जबकि रजिस्ट्री के दिन 15 लाख रुपये अचानक खाते में ट्रांसफर हुए। जांच में इस रकम के स्रोत को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
दो खातों से आया 15 लाख रुपये
जांच के अनुसार, रजिस्ट्री के दिन खरीददार के खाते में 15 लाख रुपये दो अलग-अलग खातों से पहुंचे। इनमें 10 लाख रुपये शाइन पार्टनर्स के खाते से और पांच लाख रुपये क्षितिज राज बारापत्रे के खाते से ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।
जांच अधिकारियों ने यह भी पाया कि शाइन पार्टनर्स और बारापत्रे से जुड़े बैंक खातों में एक ही पैन नंबर दर्ज था। जांच रिपोर्ट में बारापत्रे को नेहा पचिसिया का करीबी, रिश्तेदार अथवा कारोबारी सहयोगी होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इन आरोपों और संबंधों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
परिवार ने लगाए धमकी देने के आरोप
जांच के दौरान जमीन मालिक रमेश लोधी के बेटे आकाश लोधी ने भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब उनके पिता ने जेल में रहते हुए हुई रजिस्ट्री को रद्द कराने और जमीन का नामांतरण रोकने की कोशिश की, तब परिवार पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं।
मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए और जमीन के दस्तावेजों तथा बैंक खातों की जानकारी की पड़ताल की। जांच के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
पहले भी जांच के घेरे में थीं
जमीन सौदे का मामला सामने आने से पहले भी नेहा पचिसिया को लेकर विभागीय स्तर पर शिकायतें सामने आ चुकी थीं। उन पर एक ट्रांसपोर्टर से कथित तौर पर 30 हजार रुपये की अवैध वसूली की मांग और एक हत्या के मामले की जांच में प्रक्रियागत लापरवाही के आरोपों की भी जांच चल रही थी। इन शिकायतों के बाद उनके अधिकार क्षेत्र से कई थानों का प्रभार वापस लिया गया था।
नेहा पचिसिया ने इन मामलों में पूछताछ का सामना भी किया था। जांच अधिकारी अनु बेनीवाल ने उस समय कहा था कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
इससे पहले नेहा पचिसिया ने अपने अधिकार क्षेत्र से थानों का प्रभार वापस लिए जाने के पुलिस विभाग के फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने प्रशासनिक आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद जमीन सौदे से जुड़ी एफआईआर और अब निलंबन की कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
एयर होस्टेस से पुलिस अधिकारी तक का सफर
नेहा पचिसिया का करियर सफर भी काफी अलग रहा है। पुलिस सेवा में आने से पहले वह एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम कर चुकी थीं। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा पास की और पुलिस विभाग में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में करियर शुरू किया।
2016 में घोषित MPPSC परीक्षा परिणाम में उन्होंने 20वीं रैंक हासिल की थी। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया और बाद में कटनी की सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस बनीं। मई 2025 में उन्हें कटनी का CSP नियुक्त किया गया था।
अब जांच पर टिकी नजर
जमीन सौदे से जुड़े मामले में पुलिस ने नेहा पचिसिया समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल निलंबन और एफआईआर आरोपों के स्तर पर हैं। मामले में दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। हालांकि, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर पुलिस शक्ति के कथित दुरुपयोग और जमीन को कम कीमत पर बिकवाने के आरोपों ने मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।





