फर्रुखाबाद। फेसबुक के माध्यम से हुई दोस्ती के बाद एक महिला सिपाही को शादी का झांसा देकर उसके साथ कथित रूप से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में शादी से मुकरने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित सैनिक ने उसे अपने घर बुलाया और करीब पांच दिन तक उसके साथ रहा। बाद में शादी की बात पर टालमटोल करने लगा। मामला तब और गंभीर हो गया, जब महिला सिपाही की शादी दूसरी जगह तय हुई और आरोपित ने कथित तौर पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें भेज दीं। इसके बाद प्रस्तावित शादी भी टूट गई।
महिला सिपाही की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद कमालगंज थाने में सैनिक और उसकी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक के जरिए हुई थी दोस्ती
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मूल रूप से अमेठी जनपद की रहने वाली है और वर्तमान में गाजीपुर जनपद में महिला सिपाही के पद पर तैनात है। महिला सिपाही के मुताबिक, उसकी फेसबुक के माध्यम से कमालगंज क्षेत्र के नगला खेम रैंगाई निवासी सूरज राजपूत से जान-पहचान हुई थी।
शिकायत में महिला सिपाही ने आरोप लगाया है कि बातचीत बढ़ने के बाद सूरज ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और शादी करने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
पीड़िता का कहना है कि आरोपित ने उसे अपने घर बुलाया, जहां वह करीब पांच दिनों तक रही। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। महिला सिपाही का आरोप है कि उस समय सैनिक ने उससे शादी करने का वादा किया था।
शादी की बात पर करने लगा टालमटोल
महिला सिपाही के अनुसार, बाद में जब उसने सूरज से शादी करने की बात कही तो वह टालमटोल करने लगा। आरोप है कि पहले दिए गए शादी के भरोसे के बावजूद उसने विवाह की बात को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई।
पीड़िता ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि उसने जब शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपित का व्यवहार बदल गया। इस दौरान कथित तौर पर उसे अलग-अलग तरह से आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन शादी की बात आगे नहीं बढ़ी।
दूसरी जगह शादी तय होने पर बढ़ा विवाद
महिला सिपाही की शिकायत के मुताबिक, बाद में उसके परिवार ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी। इसी दौरान आरोपित सैनिक ने कथित तौर पर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें उस युवक को भेज दीं, जिससे उसकी शादी तय हुई थी।
तस्वीरें सामने आने के बाद युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया। इससे महिला सिपाही को सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि सैनिक ने जानबूझकर उसकी निजी तस्वीरों का इस्तेमाल उसकी शादी रुकवाने के लिए किया।
सैनिक की मां पर भी मुकदमा
महिला सिपाही ने इस मामले में सैनिक की मां रानी देवी को भी आरोपी बनाया है। उसकी शिकायत के आधार पर न्यायालय के आदेश पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि महिला सिपाही और आरोपित सैनिक के बीच किस तरह का संपर्क था, शादी का वादा किस परिस्थितियों में किया गया और कथित आपत्तिजनक तस्वीरें किस तरह भेजी गईं।
डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी जांच
मामले में फेसबुक और अन्य डिजिटल माध्यमों से हुई बातचीत महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। पुलिस शिकायतकर्ता और आरोपित के बीच हुई बातचीत, संदेशों तथा कथित तस्वीरों की जांच कर सकती है।
यदि दोनों के बीच सोशल मीडिया या मोबाइल फोन पर बातचीत हुई है, तो जांच के दौरान उसके डिजिटल रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के तौर पर देखा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि कथित तस्वीरें किस नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट से भेजी गईं।
न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
महिला सिपाही ने मामले में कार्रवाई के लिए न्यायालय का रुख किया था। न्यायालय के आदेश के बाद गुरुवार को पुलिस ने सैनिक सूरज राजपूत और उसकी मां रानी देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपित सैनिक वर्तमान में श्रीनगर में तैनात बताया गया है। पुलिस उसकी भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए आवश्यक जांच कर रही है।
आरोपों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल मामले में महिला सिपाही की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ उपलब्ध दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटा सकती है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि कथित आपत्तिजनक तस्वीरें कब और किसे भेजी गईं तथा इस पूरी घटना के पीछे आरोपित की क्या मंशा थी।
फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला जांच के चरण में है। महिला सिपाही ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में कथित रूप से निजी तस्वीरें प्रसारित कर शादी तुड़वाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।