- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- निर्माणाधीन विरासत...

धर्मशाला। धर्मशाला से पांडेयहाता की ओर जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन विरासत गलियारे में कई जगह काम बंद मिलने पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताई। गुरुवार को परियोजना का मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे कमिश्नर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार से निर्माण कार्य रुकने का कारण पूछा। मौके पर काम बंद मिलने को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जवाब-तलब किया और स्पष्ट कर दिया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना होगा।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पाया कि विरासत गलियारे के निर्माण का काम कई स्थानों पर अपेक्षित गति से नहीं चल रहा था। कुछ जगहों पर निर्माण गतिविधियां पूरी तरह बंद थीं, जबकि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए लगातार काम किया जाना जरूरी है। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति और काम रुकने के कारणों की जानकारी ली।
ठेकेदार से मांगा जवाब
मौके पर कमिश्नर के सख्त तेवर देखकर संबंधित ठेकेदार से भी जवाब मांगा गया। बताया गया कि निर्माण कार्य बंद रहने का कोई संतोषजनक कारण वह प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जब मौसम पूरी तरह अनुकूल है और किसी तरह की प्राकृतिक बाधा सामने नहीं है, तो निर्माण कार्य बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सवाल किया, "न आंधी है, न तूफान और न ही बारिश, फिर काम क्यों बंद रखा है?"
कमिश्नर का यह सवाल निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर उनकी नाराजगी को साफ तौर पर दर्शाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
15 सितंबर की समयसीमा तय
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विरासत गलियारे के निर्माण को पूरा करने के लिए 15 सितंबर की समयसीमा तय की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित तारीख तक परियोजना का काम हर हाल में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में अब किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग और ठेकेदार आपसी समन्वय के साथ काम की गति बढ़ाएं और जो भी बाधाएं हैं, उन्हें तत्काल दूर करें।
कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण की गुणवत्ता पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान केवल काम की गति ही नहीं, बल्कि परियोजना से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। विरासत गलियारा क्षेत्र के विकास में निर्माण की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है, क्योंकि परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र को बेहतर स्वरूप देना और आने-जाने वाले लोगों के लिए सुविधाएं विकसित करना है।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि काम जल्द पूरा करने के साथ गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
नियमित निगरानी के निर्देश
परियोजना में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। कमिश्नर ने कहा कि मौके पर काम की वास्तविक स्थिति की लगातार समीक्षा की जाए और यदि कहीं कोई समस्या सामने आती है तो उसका समाधान तत्काल कराया जाए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से परियोजना की प्रगति रिपोर्ट भी लेते रहने को कहा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित समयसीमा के अनुसार निर्माण आगे बढ़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी बढ़ेगी सक्रियता
विरासत गलियारे का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ऐसे में काम में देरी से न केवल परियोजना की लागत और समय प्रभावित हो सकता है, बल्कि क्षेत्र के विकास की योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने अब परियोजना को लेकर सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
गुरुवार के निरीक्षण में सामने आई स्थिति के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के सामने अब स्पष्ट लक्ष्य है कि निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए और 15 सितंबर तक परियोजना को पूरा किया जाए।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि परियोजना में देरी के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से काम की निगरानी खुद करने और ठेकेदार से निर्धारित समय के अनुसार काम कराने को कहा।
निरीक्षण के बाद प्रशासन की ओर से यह संदेश साफ है कि विरासत गलियारे के निर्माण को अब और लंबा नहीं खींचा जाएगा। मौसम या अन्य सामान्य कारणों का हवाला देकर काम रोकने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।
गुरुवार के निरीक्षण में कई स्थानों पर निर्माण कार्य बंद मिलने के बाद कमिश्नर की नाराजगी ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय कर दी है। अब 15 सितंबर की समयसीमा तक काम पूरा करना चुनौती होगी। समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।





