Jhansi झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में दिवाली की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गईं जब मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में एक बलात्कार पीड़िता के देवर की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। आरोपी वही लोग हैं जो डेढ़ साल पहले हुए एक बलात्कार के मामले में समझौता न करने पर पीड़िता के परिवार को धमका रहे थे।
खबरों के अनुसार, जयपुर में मजदूरी करने वाले दो भाई दिवाली मनाने अपने गाँव लौटे थे, लेकिन बदमाशों ने मौका पाकर उन पर हमला कर दिया। मृतक के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उसे लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा गया। घायल युवक को झांसी मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के सितौरा गाँव में छोटी दिवाली के दिन हुई इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मृतक के भाई शिशुपाल ने बताया कि उसकी पत्नी के साथ लगभग डेढ़ साल पहले गाँव के ही एक युवक ने बलात्कार किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार उस पर समझौते का दबाव बना रहा था। धमकियों से तंग आकर शिशुपाल अपने दो भाइयों के साथ जयपुर की एक फैक्ट्री में काम करने चला गया। तीनों भाई 19 अक्टूबर को दिवाली मनाने के लिए अपने परिवार के साथ गाँव लौटे।
सोमवार दोपहर वे अपनी बाइक ठीक कराने और त्योहार की खरीदारी करने मऊरानीपुर गए थे। लौटते समय लाल पहाड़िया के पास 10-12 हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला कर दिया। शिशुपाल के अनुसार, "मैं बाइक पर आगे था और मेरा भाई पीछे-पीछे आ रहा था। अचानक मुझे पीछे से चीखने की आवाज़ सुनाई दी। मैंने मुड़कर देखा तो आरोपी उसे लोहे की रॉड और डंडों से पीट रहे थे। जब मैं उसे बचाने गया, तो उन्होंने मुझ पर तीन गोलियाँ चलाईं। डर के मारे मैं झाड़ियों में छिप गया। हमलावरों ने मेरे छोटे भाई के हाथ-पैर तोड़ दिए और उसे अधमरा छोड़कर मौके से भाग गए।"
फिर उसे गंभीर हालत में मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से उसे झाँसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक 24 साल का था और दो बच्चों का पिता था: एक 5 साल का बेटा और एक 4 साल की बेटी। उसके माता-पिता दोनों ही विकलांग हैं और गाँव में अकेले रहते हैं।