RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत का ग्लोबल दौरा न्यूयॉर्क में बड़ा आयोजन
विदेश दौरे पर मोहन भागवत
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन देशों की यात्रा के तहत अमेरिका पहुंचे हैं। अपनी इस विदेश यात्रा के पहले पड़ाव में वह न्यूयॉर्क पहुंचे, जहां वह संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रम में भारतीय समुदाय और स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।
मोहन भागवत की यह यात्रा अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की है। RSS के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित वैश्विक संपर्क अभियान के तहत इस दौरे का आयोजन किया गया है। संघ के अनुसार, यात्रा का उद्देश्य विदेशों में भारतीय समुदाय से संवाद बढ़ाना और भारत, हिंदू समाज तथा RSS को लेकर अपनी विचारधारा और दृष्टिकोण को साझा करना है।
न्यूयॉर्क में 5000 लोगों को करेंगे संबोधित
न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मोहन भागवत करीब 5000 भारतीय-अमेरिकियों और स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' के नाम से आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य संदेश वैश्विक एकता और आपसी सद्भाव पर केंद्रित होगा। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें भारतीय मूल के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी रहेगी।
तीन देशों में होगा संवाद कार्यक्रम
मोहन भागवत की यात्रा के दौरान अमेरिका के अलावा कनाडा और ब्रिटेन में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। RSS ने इसे शताब्दी वर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर संपर्क बढ़ाने की पहल बताया है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, इस दौरे के जरिए विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय से जुड़ाव मजबूत करने और भारतीय संस्कृति के संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
यात्रा को लेकर चर्चा भी तेज
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने इस कार्यक्रम को लेकर अपनी असहमति जताई है, जबकि आयोजकों ने इसे सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम बताया है। RSS का कहना है कि यह आयोजन भारतीय मूल के लोगों को जोड़ने और वैश्विक स्तर पर संवाद बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। वहीं, कुछ संगठनों ने RSS की विचारधारा को लेकर आपत्तियां भी जताई हैं।
शताब्दी वर्ष के मौके पर विदेशों में पहुंच
RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संगठन देश और विदेश में कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। मोहन भागवत का यह दौरा इसी शताब्दी वर्ष अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान संघ प्रमुख भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद करेंगे और संगठन के सामाजिक कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखेंगे।