फ्री वाली सैर खत्म तोपचांची झील में अब बाइक और पिकनिक पर देना होगा शुल्क
झील पर लगा एंट्री चार्ज सैर के लिए देने होंगे पैसे
नबाद: झारखंड के धनबाद जिले की प्रसिद्ध तोपचांची झील में घूमने और पिकनिक मनाने के लिए अब पर्यटकों को शुल्क देना होगा। लंबे समय से लोगों के लिए मुफ्त उपलब्ध रही तोपचांची झील की सैर अब सशुल्क कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत बाइक से आने वालों को 15 रुपये और पिकनिक मनाने वाले पर्यटकों को 100 रुपये शुल्क देना होगा। तोपचांची झील धनबाद के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, परिवार और पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं। झील की देखरेख, साफ-सफाई और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रवेश शुल्क लागू किया गया है।
झील की सुविधाओं पर खर्च होगा शुल्क
प्रशासन का कहना है कि शुल्क से मिलने वाली राशि का उपयोग पर्यटन स्थल के रखरखाव, साफ-सफाई और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। पर्यटकों को बेहतर माहौल देने के लिए झील परिसर में व्यवस्थाओं को मजबूत करने की योजना है। तोपचांची झील में हर साल बड़ी संख्या में लोग पिकनिक और घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी शुल्क व्यवस्था को जरूरी बताया जा रहा है।
पर्यटकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
नई व्यवस्था को लेकर पर्यटकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि मामूली शुल्क के बदले अगर साफ-सफाई और सुविधाएं बेहतर होती हैं तो यह अच्छी पहल है। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि पहले जहां परिवार आसानी से घूमने आ जाते थे, अब शुल्क लगने से कुछ लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ेगा।
पिकनिक के लिए देना होगा 100 रुपये
नई दरों के अनुसार, दोपहिया वाहन से आने वालों को 15 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि पिकनिक मनाने वाले समूहों या पर्यटकों से 100 रुपये लिए जाएंगे। प्रशासन ने शुल्क व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तोपचांची झील की खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण यह क्षेत्र पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल है। अब शुल्क लागू होने के बाद उम्मीद है कि यहां की व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा।
पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश
प्रशासन का लक्ष्य तोपचांची झील को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। सुविधाएं बढ़ने से आने वाले समय में यहां पर्यटकों की संख्या भी बढ़ सकती है। झील की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। अब देखना होगा कि नई शुल्क व्यवस्था के बाद पर्यटकों की संख्या और पर्यटन सुविधाओं पर कितना असर पड़ता है।