साहिबगंज। बरहड़वा बाजार को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क अब खुद बदहाली का शिकार हो गई है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 5.92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई 4.6 किलोमीटर लंबी सड़क के तीन किलोमीटर हिस्से में 150 से अधिक गड्ढे हो गए हैं।

सड़क निर्माण को अभी ज्यादा समय भी नहीं बीता है, लेकिन जगह-जगह गड्ढे होने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खराब होने के कारण आवागमन में परेशानी बढ़ गई है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।

पांच-छह महीने में ही खराब हुई सड़क

जानकारी के अनुसार, पतना चौक से बीएसके कॉलेज, बिंदुवासिनी मंदिर होते हुए होली फैमिली स्कूल बरहड़वा-दिग्घी पीडब्ल्यूडी रोड तक इस सड़क का निर्माण कराया गया था।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क की लंबाई करीब 4.6 किलोमीटर है। इसका उद्देश्य बरहड़वा बाजार क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना था।

लेकिन निर्माण के पांच-छह महीने बाद ही सड़क की हालत खराब होने लगी। वर्तमान में सड़क के करीब तीन किलोमीटर हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं।

150 से अधिक गड्ढों से परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर छोटे-बड़े मिलाकर 150 से अधिक गड्ढे हो चुके हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है।

खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि जिस सड़क से जाम की समस्या कम होने की उम्मीद थी, वही अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

6.48 करोड़ थी अनुमानित लागत

इस सड़क निर्माण योजना की अनुमानित लागत 6 करोड़ 48 लाख 11 हजार 91 रुपये तय की गई थी।

इसके निर्माण का जिम्मा जामताड़ा की मां तारा इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने निर्धारित राशि से 8.60 प्रतिशत कम दर पर काम लिया था।

कंपनी ने 5 करोड़ 92 लाख 37 हजार 402 रुपये में सड़क निर्माण का ठेका हासिल किया था।

फरवरी 2024 में मिला था कार्यादेश

सड़क निर्माण के लिए कंपनी को फरवरी 2024 में कार्यादेश जारी किया गया था। इसके बाद योजना के तहत सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया।

निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण इतनी जल्दी सड़क खराब हो गई।

जाम से राहत के लिए बनाई गई थी सड़क

बरहड़वा बाजार क्षेत्र में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी। बाजार क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता था।

इसी समस्या को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस सड़क का निर्माण कराया गया था, ताकि मुख्य बाजार पर वाहनों का दबाव कम किया जा सके।

लेकिन सड़क खराब होने के कारण अब इसका उद्देश्य प्रभावित होता नजर आ रहा है।

गुणवत्ता जांच की मांग

सड़क की स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि कुछ महीनों में सड़क खराब हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से जल्द मरम्मत कराने और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

इतनी कम अवधि में सड़क खराब होने के बाद संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

निर्माण के दौरान गुणवत्ता जांच, सामग्री की जांच और तकनीकी मानकों के पालन की जिम्मेदारी विभाग की होती है।

अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और सड़क की मरम्मत कब तक कराई जाती है।

लोगों को इंतजार कार्रवाई का

फिलहाल बरहड़वा क्षेत्र के लोग सड़क की मरम्मत और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर सड़क सुविधा के लिए बनी योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब निर्माण कार्य मजबूत और टिकाऊ हो।

करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का कुछ ही महीनों में खराब होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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