रायडीह में एलपीजी सिलेंडर फटने से मिट्टी का घर क्षतिग्रस्त, रात में हुआ जोरदार धमाका
रायडीह। थाना क्षेत्र के नवागढ़ पतराटोली पंचायत अंतर्गत ऊपरखोर गांव में सोमवार की रात घरेलू एलपीजी सिलेंडर फटने से एक मिट्टी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सिलेंडर में हुए जोरदार विस्फोट से मकान की एक दीवार टूटकर गिर गई, जबकि खपरैल की छत को भी भारी नुकसान पहुंचा। विस्फोट के कारण घर में रखे बर्तन, कपड़े, फर्नीचर और अन्य घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। गृहस्वामी आर्टिकोस मिंज ने बताया कि शाम के समय वह अपने पुत्र के साथ बगल के डूमरटोली गांव में अपनी दीदी के घर सोने के लिए चले गए थे। घर पर उस समय कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें फोन कर घर में जोरदार धमाका होने की सूचना दी।
फोन पर विस्फोट की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग चिंतित हो गए। रात होने के कारण वे तत्काल घटनास्थल पर नहीं पहुंच सके। मंगलवार सुबह जब आर्टिकोस मिंज अपने घर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर हैरान रह गए। घर की हालत पूरी तरह बदली हुई थी। रसोई में रखा एलपीजी सिलेंडर फटने से मकान की दीवार का एक हिस्सा ढह चुका था और खपरैल की छत भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
विस्फोट से घर का सामान भी हुआ बर्बाद
सिलेंडर फटने के कारण हुए धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मिट्टी से बनी मकान की दीवार टूटकर गिर गई। छत के खपरैल भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा रसोई और घर के अन्य हिस्सों में रखा घरेलू सामान भी विस्फोट की चपेट में आ गया।
गृहस्वामी के अनुसार, घर में रखे बर्तन, कपड़े और जरूरत के अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। मिट्टी के मकान को हुए नुकसान के कारण परिवार के सामने रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। मकान का क्षतिग्रस्त हिस्सा अब रहने के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि धमाके की आवाज काफी तेज थी। रात के समय अचानक जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जब ग्रामीणों ने संबंधित घर की ओर देखा तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने गृहस्वामी को फोन कर मामले की सूचना दी।
घर खाली होने के कारण टला बड़ा हादसा
घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। आर्टिकोस मिंज और उनका पुत्र शाम को ही डूमरटोली गांव स्थित रिश्तेदार के घर चले गए थे। इसी वजह से सिलेंडर फटने की घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। यदि परिवार उस समय घर में मौजूद होता तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
ग्रामीणों ने बताया कि धमाका रात में हुआ, लेकिन समय रहते इसकी जानकारी गृहस्वामी तक पहुंचाई गई। मंगलवार सुबह परिवार के पहुंचने के बाद नुकसान का आकलन किया गया।
सिलेंडर में विस्फोट के कारणों की जांच जरूरी
फिलहाल एलपीजी सिलेंडर किस वजह से फटा, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी या गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद ग्रामीणों के बीच भी सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है। गैस की गंध आने पर तत्काल रेगुलेटर बंद करने, चूल्हे और अन्य आग के स्रोत से दूरी बनाए रखने तथा संबंधित एजेंसी को सूचना देने की जरूरत होती है। हालांकि ऊपरखोर गांव में हुई इस घटना का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
परिवार के सामने आर्थिक संकट
मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद आर्टिकोस मिंज के परिवार के सामने आर्थिक परेशानी भी खड़ी हो गई है। मिट्टी के घर की दीवार और खपरैल की छत को नुकसान पहुंचने से उसकी मरम्मत की जरूरत है। इसके साथ ही घर में रखे घरेलू सामान के खराब होने से भी परिवार को नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मकान की मरम्मत और घरेलू सामान के नुकसान के लिए सरकारी स्तर पर मदद मिलनी चाहिए।
घटना के बाद गांव में एलपीजी सिलेंडर के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को जागरूक करने की जरूरत महसूस की जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से अपील की है कि गैस सिलेंडर और चूल्हे की समय-समय पर जांच के साथ लोगों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाए।
फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन घर को हुए नुकसान से परिवार प्रभावित हुआ है। सिलेंडर फटने की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से कुल कितना नुकसान हुआ, इसका आकलन संबंधित स्तर पर जांच के बाद ही सामने आएगा।