गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के गावां क्षेत्र में जंगली बिरनियों के हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते करीब एक पखवारे में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण जंगल और खेतों की ओर जाने वाले लोग अब अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से प्रभावित इलाकों में खतरे की पहचान कर सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक गावां प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग खेती, पशुपालन और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए जंगल तथा खेतों की ओर जाते हैं। इसी दौरान बिरनियों के झुंड के हमले का खतरा बना हुआ है। अचानक बड़ी संख्या में हमला होने पर लोगों को बचने का मौका कम मिल पाता है।
पखवारेभर में तीन मौतों से दहशत
करीब 15 दिनों में तीन लोगों की मौत की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि पीड़ित अलग-अलग स्थानों पर बिरनियों के हमले की चपेट में आए थे। हमले के बाद उनकी तबीयत गंभीर होने और बाद में मौत होने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों में मौत का चिकित्सकीय कारण और घटना से उसका संबंध मेडिकल रिकॉर्ड से ही निश्चित किया जा सकता है। फिलहाल लगातार सामने आई घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय बढ़ गया है।
खेत और जंगल जाने से डर रहे ग्रामीण
गावां के कई हिस्सों में ग्रामीणों की आजीविका खेती और जंगल पर निर्भर है। ऐसे में बिरनियों का खतरा उनके रोजमर्रा के कामकाज को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर झाड़ियों, पेड़ों और सुनसान जगहों के आसपास मौजूद घोंसलों के नजदीक जाने पर हमले का जोखिम बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में घोंसलों की पहचान कर सुरक्षित तरीके से उचित कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही ग्रामीणों को यह जानकारी भी दी जानी चाहिए कि हमला होने की स्थिति में तत्काल क्या करना है और चिकित्सा सहायता कहां उपलब्ध होगी।
हमला होने पर तुरंत इलाज जरूरी
बिरनी या ततैया जैसे डंक मारने वाले कीटों के कई हमले गंभीर हो सकते हैं। कुछ लोगों में इनके डंक से तेज एलर्जी की प्रतिक्रिया भी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, चक्कर या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। एक साथ कई डंक लगने की स्थिति में भी अस्पताल पहुंचने में देरी नहीं करनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर एलर्जी वाले लोगों के लिए जोखिम अधिक हो सकता है।
ग्रामीणों ने की सुरक्षा की मांग
तीन मौतों की खबर के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थानों की पहचान होने से ग्रामीणों को सतर्क किया जा सकेगा। फिलहाल गावां क्षेत्र में जंगली बिरनियों के हमलों ने लोगों में डर पैदा कर दिया है। लगातार घटनाओं के बाद ग्रामीण अब खेत और जंगल जाते समय विशेष सावधानी बरत रहे हैं।
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