रांची। झारखंड की राजधानी रांची में कर्मचारी चयन आयोग यानी **SSC की परीक्षा** को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा के लिए शहर में बनाए गए तीन केंद्रों के आसपास विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के **200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा** प्रभावी रहेगी। यह व्यवस्था **16 सितंबर से 26 सितंबर 2026** तक लागू रहेगी।
प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को रोकना और ऐसी किसी भी गतिविधि पर नियंत्रण रखना है, जिससे परीक्षा संचालन प्रभावित हो सकता है। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों, परीक्षा कार्य में लगे कर्मचारियों और अधिकृत व्यक्तियों को नियमों के तहत आवश्यक छूट रहेगी।
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़, ट्रैफिक और दूसरे व्यवधानों की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास निर्धारित क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया है।
तीन केंद्रों पर होगी SSC परीक्षा
रांची में SSC की परीक्षा के लिए तीन परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 16 सितंबर से परीक्षा संबंधी गतिविधियां शुरू होंगी और अलग-अलग निर्धारित तिथियों पर अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
परीक्षा कई दिनों तक चलने के कारण प्रशासन ने पूरी अवधि के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है।
केंद्रों पर केवल अभ्यर्थियों को ही निर्धारित प्रक्रिया के बाद प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भी पहचान तथा अधिकृत दस्तावेज के आधार पर केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे।
परीक्षा केंद्र के बाहर भी पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहने की व्यवस्था की गई है।
200 मीटर के दायरे में लागू रहेगी निषेधाज्ञा
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास **200 मीटर के दायरे** में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश दिया है।
इसका उद्देश्य केंद्र के आसपास लोगों के अनावश्यक जमावड़े को रोकना है।
प्रतियोगी परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल या बाहरी मदद की आशंका को भी प्रशासन गंभीरता से लेता है।
इसी वजह से परीक्षा केंद्रों के आसपास निर्धारित क्षेत्र में लोगों के समूह में खड़े होने और परीक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी।
16 से 26 सितंबर तक लागू रहेगा आदेश
निषेधाज्ञा **16 सितंबर से 26 सितंबर 2026** तक परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार प्रभावी रहेगी।
अभ्यर्थियों को ध्यान रखना होगा कि प्रतिबंध परीक्षा देने से नहीं रोकता। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार निर्धारित प्रवेश पत्र और पहचान पत्र के साथ परीक्षा केंद्र तक जा सकेंगे।
इसी तरह परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारी, कर्मचारी और अधिकृत व्यक्ति भी अपने काम के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे।
प्रतिबंध का उद्देश्य मुख्य रूप से ऐसे लोगों और गतिविधियों को रोकना है जिनका परीक्षा से कोई संबंध नहीं है।
भीड़ लगाने पर रहेगी रोक
परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा करने की अनुमति नहीं होगी।
अभ्यर्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों को भी केंद्र के प्रवेश द्वार के पास लंबे समय तक खड़े रहने से बचना चाहिए।
अगर किसी उम्मीदवार को परिवार का सदस्य परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आता है तो उसे स्थानीय पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था का पालन करना होगा।
परीक्षा खत्म होने के समय भी केंद्र के बाहर अचानक भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा बनाए गए रास्तों और निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर नजर
परीक्षा केंद्र के आसपास तेज आवाज से अभ्यर्थियों की एकाग्रता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण प्रतिबंधित क्षेत्र में लाउडस्पीकर और दूसरे ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी रोक या कड़ा नियंत्रण रह सकता है।
परीक्षा के दौरान किसी प्रकार का प्रचार, नारेबाजी या तेज आवाज में कार्यक्रम करना व्यवस्था में बाधा डाल सकता है।
केंद्रों के आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों से भी परीक्षा अवधि में शांति बनाए रखने की अपेक्षा की गई है।
परीक्षा केंद्र के आसपास किसी कार्यक्रम की अनुमति पहले से होने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देश लागू होंगे।
कदाचार रोकने पर विशेष फोकस
SSC जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन और परीक्षा एजेंसी की प्राथमिकता होती है।
इसी कारण केंद्र के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए प्रश्नपत्र या परीक्षा संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान जैसी किसी गतिविधि को गंभीरता से लिया जा सकता है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा एजेंसी की ओर से जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना चाहिए और केवल अनुमत वस्तुएं ही परीक्षा केंद्र के अंदर लेकर जानी चाहिए।
किसी दूसरे उम्मीदवार की जगह परीक्षा देना, अनुचित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करना या बाहरी मदद लेने की कोशिश गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
अभ्यर्थी एडमिट कार्ड जरूर रखें साथ
परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज एडमिट कार्ड है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले अपने एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का नाम, पता, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा की शिफ्ट अच्छी तरह जांच लेनी चाहिए।
इसके साथ आयोग द्वारा मान्य मूल फोटो पहचान पत्र भी रखना जरूरी हो सकता है।
उम्मीदवार को SSC द्वारा जारी आधिकारिक परीक्षा निर्देशों में बताए गए दस्तावेज ही लेकर जाने चाहिए।
परीक्षा वाले दिन दस्तावेज खोजने या प्रिंट निकालने की परेशानी से बचने के लिए इन्हें एक दिन पहले ही तैयार कर लेना बेहतर होगा।
रिपोर्टिंग टाइम से पहले पहुंचें
रांची में ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए।
परीक्षा केंद्र के आसपास प्रतिबंध और सुरक्षा जांच के कारण सामान्य दिनों की तुलना में प्रवेश में ज्यादा समय लग सकता है।
अगर एडमिट कार्ड पर गेट बंद होने का समय दिया गया है तो उसके बाद पहुंचने वाले उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिलने का जोखिम रहता है।
इसलिए उम्मीदवारों को निर्धारित रिपोर्टिंग टाइम से पर्याप्त पहले केंद्र तक पहुंचने की योजना बनानी चाहिए।
दूसरे जिलों या राज्यों से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र का स्थान एक दिन पहले मैप पर जांच लेना उपयोगी होगा।
मोबाइल फोन लेकर जाने से पहले पढ़ें नियम
प्रतियोगी परीक्षाओं में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को लेकर सख्त नियम होते हैं।
उम्मीदवारों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि परीक्षा केंद्र पर मोबाइल जमा करने की सुविधा जरूर मिलेगी।
SSC की ओर से एडमिट कार्ड या परीक्षा नोटिस में प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची दी जाती है। उसी के अनुसार तैयारी करनी चाहिए।
अगर कोई प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा हॉल में मिलता है तो उम्मीदवार के खिलाफ आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
इसलिए परीक्षा से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ना बेहद जरूरी है।
परीक्षा केंद्र के बाहर संदिग्ध गतिविधि से रहें दूर
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के बाहर ऐसे किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं करना चाहिए जो प्रश्नपत्र, उत्तर या परीक्षा में मदद दिलाने का दावा करे।
प्रतियोगी परीक्षाओं के समय सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रश्नपत्र या पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी के मामले भी सामने आते रहते हैं।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे के बदले परीक्षा में पास कराने या प्रश्न उपलब्ध कराने का दावा किया जाए तो उससे दूरी बनाना चाहिए।
ऐसे दावों पर भरोसा करना आर्थिक नुकसान के साथ उम्मीदवार के भविष्य को भी खतरे में डाल सकता है।
पुलिस और मजिस्ट्रेट रख सकते हैं निगरानी
परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए प्रशासन द्वारा केंद्रों के आसपास पुलिस बल और आवश्यकता के अनुसार दंडाधिकारी की तैनाती की जा सकती है।
केंद्र के प्रवेश और निकास मार्गों पर भी नजर रखी जाएगी।
परीक्षा शुरू होने से पहले और समाप्त होने के बाद यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए ट्रैफिक प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा।
स्थानीय लोगों को भी केंद्र के आसपास प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
किसी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी निर्देश प्राथमिक होंगे।
निषेधाज्ञा का उल्लंघन न करें
प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करना कानूनी परेशानी पैदा कर सकता है।
इसलिए परीक्षा केंद्र के आसपास बिना जरूरत भीड़ लगाने, हंगामा करने या परीक्षा संचालन में बाधा डालने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए।
अगर पुलिस किसी व्यक्ति को निर्धारित क्षेत्र से हटने का निर्देश देती है तो उसका पालन करना जरूरी होगा।
अभ्यर्थियों के परिजनों को भी केंद्र के बिल्कुल सामने इंतजार करने के बजाय प्रशासन द्वारा अनुमति वाली जगह पर रुकना चाहिए।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी रखना होगा ध्यान
परीक्षा केंद्र के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों और दुकानदारों पर भी इस व्यवस्था का असर पड़ सकता है।
प्रतिबंधित अवधि में प्रशासन के आदेश के अनुसार ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण रह सकता है जो परीक्षा की शांति या सुरक्षा को प्रभावित करती हों।
हालांकि सामान्य दैनिक गतिविधियों पर वास्तविक प्रतिबंध आदेश की शर्तों के अनुसार लागू होंगे।
इसलिए स्थानीय लोगों को प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में दिए गए नियमों का पालन करना चाहिए।
सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें
परीक्षा के दौरान फर्जी नोटिस, परीक्षा रद्द होने की खबर, पेपर लीक के दावे या परीक्षा समय बदलने जैसी अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकती हैं।
अभ्यर्थियों को ऐसी जानकारी पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
परीक्षा तारीख, समय, एडमिट कार्ड या केंद्र में बदलाव जैसी जानकारी के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट और आयोग की अधिकृत सूचना को ही प्राथमिकता दें।
अगर किसी व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में परीक्षा को लेकर कोई बड़ा दावा किया जाता है तो उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
तीन केंद्रों पर प्रशासन की कड़ी नजर
रांची के तीन परीक्षा केंद्रों पर 16 से 26 सितंबर तक आयोजित होने वाली SSC परीक्षा को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट व्यवस्था तैयार की है।
केंद्रों के **200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा** लागू रहने से अनावश्यक भीड़ और परीक्षा में व्यवधान पैदा करने वाली गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी।
अभ्यर्थियों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। वैध एडमिट कार्ड और जरूरी पहचान पत्र के साथ परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार केंद्र तक पहुंचने की अनुमति रहेगी।
सबसे जरूरी है कि उम्मीदवार अपने परीक्षा दिवस, शिफ्ट, केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम को पहले ही जांच लें। प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न ले जाएं और केंद्र पर समय से पहुंचें।
प्रशासन की यह व्यवस्था परीक्षा को **शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचार मुक्त** तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। 16 से 26 सितंबर तक परीक्षा केंद्रों के आसपास जाने वाले लोगों को भी निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करना होगा।