चाईबासा: भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, सरायकेला के अस्तित्व और पहचान को बचाने की मांग को लेकर 18 सितंबर को आयोजित होने वाली विशाल रैली में चाईबासा से सैकड़ों लोग शामिल होंगे। रैली की तैयारियों को लेकर बुधवार को चाईबासा में आदिवासी हो समाज युवा महासभा की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में रैली को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई। संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने लोगों को एकजुट करने तथा सामूहिक रूप से सरायकेला पहुंचने की रणनीति तैयार की।
स्टेडियम की पहचान बचाने की मांग
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम सरायकेला क्षेत्र की खेल और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। स्टेडियम के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लोगों को एकजुट होकर अपनी आवाज उठाने की जरूरत है।
रैली के माध्यम से प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक लोगों की मांग पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। संगठन का कहना है कि खेल मैदानों का संरक्षण जरूरी है, क्योंकि ये युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं।
चाईबासा में हुई तैयारियों पर चर्चा
आदिवासी हो समाज युवा महासभा की बैठक में रैली में चाईबासा से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
संगठन ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में रैली में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाएं। बैठक में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई।
सुबह 10 बजे राजू ढाबा के पास जुटेंगे लोग
बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 सितंबर की सुबह 10 बजे चाईबासा के राजू ढाबा के समीप लोग एकत्रित होंगे। इसके बाद सभी लोग विभिन्न संसाधनों और निजी वाहनों के माध्यम से सामूहिक रूप से सरायकेला के लिए रवाना होंगे।
संगठन की ओर से बताया गया कि यात्रा को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। लोगों को समय पर पहुंचने और समूह के साथ आगे बढ़ने की अपील की गई है।
युवाओं और खेल प्रेमियों से जुड़ने की अपील
भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम को लेकर आयोजित इस रैली में युवाओं और खेल प्रेमियों की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संगठन का मानना है कि खेल मैदानों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है।
बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि स्टेडियम केवल एक मैदान नहीं बल्कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और खेल संस्कृति से जुड़ा हुआ स्थान है। इसलिए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
रैली को लेकर बढ़ी सक्रियता
18 सितंबर को होने वाली रैली को लेकर चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। संगठन के सदस्य गांवों और विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क कर लोगों से रैली में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
बैठक में तय किया गया कि रैली में शांतिपूर्ण तरीके से भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और अपनी मांगों को मजबूती के साथ रखा जाएगा।
फिलहाल भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम के मुद्दे को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। 18 सितंबर की रैली में चाईबासा से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की तैयारी की जा रही है।