रांची। झारखंड सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। इस बदलाव के बाद अब छात्रों पर शिक्षा ऋण का आर्थिक दबाव कम होगा और अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपये तक के सभी ऋण पर पांच प्रतिशत मार्जिन मनी की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इससे उन छात्रों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उच्च शिक्षा के खर्च को लेकर परेशान रहते थे।
सरकार का मानना है कि शिक्षा किसी भी छात्र के भविष्य को बेहतर बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए योजना में बदलाव किया गया है।
अब छात्रों को ऋण लेने के दौरान पहले की तरह पांच प्रतिशत राशि अपनी ओर से जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा। सरकार की कोशिश है कि पैसे की कमी के कारण कोई भी छात्र अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
कैबिनेट बैठक में एक और अहम निर्णय लिया गया है। प्रवेश के समय छात्रों की ओर से जमा की गई पहले सेमेस्टर या पहले वर्ष की फीस की राशि अब वेब पोर्टल के माध्यम से एकमुश्त रि-इंबर्समेंट यानी प्रतिपूर्ति की जाएगी। इससे छात्रों को शुरुआती खर्च को लेकर आने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
पहले कई विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश के समय फीस जमा करने में आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब सरकार की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से फीस वापसी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें शिक्षा, विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल रहे। सरकार ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और युवाओं के भविष्य को मजबूत करना है।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से छात्र देश और विदेश के बेहतर शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के अवसर हासिल कर सकते हैं।
योजना में किए गए इस बदलाव को छात्रों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मार्जिन मनी समाप्त होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों को काफी फायदा मिलेगा।
झारखंड में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जो बेहतर शिक्षा हासिल करना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार के इस निर्णय से ऐसे छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
सरकार की ओर से बताया गया कि उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। छात्रों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कैबिनेट के इस फैसले के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। मार्जिन मनी हटने और फीस प्रतिपूर्ति की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान होगा।
झारखंड सरकार का यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इस योजना के जरिए अधिक से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की संभावना है।