तालाब संरक्षण में देरी पड़ी भारी, NGT ने हजारीबाग डीएम को भेजा नोटिस
ओकनी तालाब की बदहाली पर NGT नाराज
हजारीबाग: ओकनी तालाब के संरक्षण और जीर्णोद्धार में हो रही देरी को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकरण ने हजारीबाग के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी करते हुए दो महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही डीएम को अगली सुनवाई के दौरान संबंधित रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने को कहा गया है।
यह मामला हजारीबाग के ओकनी तालाब में आसपास की आवासीय कॉलोनियों से आने वाले गंदे पानी और तालाब के आसपास कचरा फैलने से जुड़ा है। मामले में पहले भी NGT के सामने यह तथ्य रखा गया था कि आसपास के नालों का सीवेज तालाब में पहुंच रहा है और इसके आसपास कचरा जमा हो रहा है। इसके बाद अधिकरण ने तालाब के संरक्षण के लिए तैयार कार्ययोजना को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए थे।
NGT ने 3 जुलाई 2025 के अपने आदेश में हजारीबाग नगर निगम द्वारा तैयार ओकनी तालाब संरक्षण कार्ययोजना को 3 जुलाई 2026 तक पूरा करने को कहा था। जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी कि संबंधित विभाग कार्ययोजना को समय पर पूरा करें। इसके साथ ही 15 जुलाई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि तय समय सीमा गुजरने के बाद भी जिला मजिस्ट्रेट की ओर से अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई। इसी कारण मामला दोबारा NGT के सामने पहुंचा। अधिकरण ने अब डीएम को नोटिस जारी करते हुए आदेश के अनुपालन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट हलफनामे के रूप में दो महीने के भीतर जमा करने को कहा है।
NGT ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पूर्व आदेशों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। तालाब के संरक्षण, गंदे पानी की निकासी रोकने, कचरा हटाने और निर्धारित कार्ययोजना को लागू करने की प्रगति की जानकारी रिपोर्ट में देनी होगी।
ओकनी तालाब हजारीबाग के पुराने जलस्रोतों में शामिल है। आसपास के क्षेत्रों से आने वाले गंदे पानी और कचरे के कारण इसकी स्थिति को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही है। इसी को देखते हुए तालाब के संरक्षण और पुनर्जीवन की योजना बनाई गई थी।
अधिकरण ने जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करने को कहा था कि ओकनी तालाब के जीर्णोद्धार और रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की है, इसे स्पष्ट किया जाए। इसके अनुसार नगर निगम या जिला परिषद को जरूरी निर्देश जारी कर कार्ययोजना को लागू कराया जाना था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। उस दिन जिला मजिस्ट्रेट को संबंधित रिकॉर्ड के साथ अधिकरण के समक्ष उपस्थित रहना होगा। इससे पहले दो महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
NGT की इस कार्रवाई के बाद ओकनी तालाब के संरक्षण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। प्रशासन को अब यह बताना होगा कि कार्ययोजना के तहत अब तक कितना काम हुआ है, देरी के क्या कारण रहे और शेष काम को पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।