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पहली महिला PM बनीं फातिमा मंसूरी
रबात: मोरक्को की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। किंग मोहम्मद VI ने फातिमा इज्जहरा एल मंसूरी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। 29 सितंबर 2026 को हुई इस नियुक्ति के साथ मंसूरी ने मोरक्को की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। उनकी पार्टी ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी यानी PAM ने 23 सितंबर को हुए संसदीय चुनाव में सबसे अधिक 97 सीटें हासिल की थीं। इसके बाद किंग मोहम्मद VI ने उन्हें नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
50 वर्षीय फातिमा मंसूरी का जन्म 3 जनवरी 1976 को मराकेश में हुआ था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और फ्रांस की यूनिवर्सिटी ऑफ मॉन्टपेलियर से बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट लॉ में उच्च शिक्षा हासिल की। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका में एंग्लो-सैक्सन कानून से जुड़ी पढ़ाई भी की। राजनीति में आने से पहले वह वकील के तौर पर काम करती थीं और रियल एस्टेट तथा भूमि कानून से जुड़े मामलों में विशेषज्ञता रखती थीं।
मंसूरी का राजनीतिक सफर स्थानीय राजनीति से शुरू हुआ। वह 2007 में एक राजनीतिक आंदोलन से जुड़ीं और 2008 में PAM की संस्थापक सदस्यों में शामिल रहीं। वर्ष 2009 में वह मराकेश की मेयर चुनी गईं और इस पद पर पहुंचने वाली शहर की पहली महिला बनीं। उन्होंने 2009 से 2015 तक यह जिम्मेदारी संभाली। बाद में 2021 में वह दोबारा मराकेश नगर परिषद की प्रमुख चुनी गईं।
स्थानीय राजनीति के साथ मंसूरी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। वह कई वर्षों तक मोरक्को की संसद की सदस्य रहीं। वर्ष 2021 में उन्हें राष्ट्रीय क्षेत्रीय योजना, शहरी विकास, आवास और शहरी नीति से जुड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। मंत्री रहते हुए उन्होंने आवास योजनाओं, शहरी विकास और अल हौज भूकंप से प्रभावित लोगों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर काम किया।
फातिमा मंसूरी ने अपनी पार्टी PAM में भी लगातार प्रभाव बढ़ाया। वह लंबे समय तक पार्टी की राष्ट्रीय परिषद से जुड़ी रहीं और 2024 से पार्टी के सामूहिक नेतृत्व की राष्ट्रीय समन्वयक की भूमिका निभा रही थीं। सितंबर 2026 के संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। PAM ने 395 सदस्यीय संसद में 97 सीटें हासिल कीं, हालांकि सरकार बनाने के लिए आवश्यक पूर्ण बहुमत नहीं मिला।
अब प्रधानमंत्री के रूप में मंसूरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गठबंधन सरकार बनाना है। संसद में बहुमत के लिए उन्हें अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाना होगा। उन्होंने संकेत दिया है कि गठबंधन वार्ता में विभिन्न दलों से बातचीत के रास्ते खुले रहेंगे। नई सरकार के स्वरूप को लेकर राजनीतिक बातचीत जारी है।
उनकी सरकार के सामने आर्थिक मोर्चे पर भी कई बड़ी चुनौतियां हैं। रोजगार, महंगाई, वेतन और युवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडे में रहेंगे। इसके अलावा मोरक्को 2030 फीफा विश्व कप की स्पेन और पुर्तगाल के साथ संयुक्त मेजबानी करेगा। इस आयोजन की तैयारियों से जुड़े बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट और अरबों डॉलर के निवेश को संभालना भी नई सरकार की अहम जिम्मेदारियों में शामिल होगा। फातिमा मंसूरी की नियुक्ति इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि वह मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री होने के साथ अरब दुनिया में सरकार का नेतृत्व करने वाली दूसरी महिला बनी हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया की नजला बूदेन ने प्रधानमंत्री पद संभाला था।
एक वकील से मेयर, सांसद, मंत्री और फिर देश की प्रधानमंत्री बनने तक मंसूरी का राजनीतिक सफर लंबा रहा है। उनकी नियुक्ति ने मोरक्को में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी नई चर्चा शुरू कर दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि वह किस तरह गठबंधन तैयार करती हैं और नई सरकार आर्थिक तथा सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए क्या प्राथमिकताएं तय करती है।
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