गुमला (झारखंड)। अलबर्ट एक्का जारी थाना क्षेत्र के कटिंबा गांव में मंगलवार रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां मच्छरदानी के अंदर घुसे जहरीले करैत सांप ने पलंग पर सो रही दो वर्षीय बच्ची को काट लिया। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल बच्ची को लेकर सदर अस्पताल गुमला पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, कटिंबा गांव निवासी परिधि सिंह मंगलवार रात अपने घर में पलंग पर सो रही थी। रात करीब नौ बजे अचानक एक जहरीला करैत सांप मच्छरदानी के अंदर पहुंच गया। इसी दौरान सांप ने बच्ची के पेट में काट लिया।

बच्ची के रोने और उसकी हालत में बदलाव के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। जैसे ही उन्हें पता चला कि बच्ची को सांप ने काट लिया है, घर में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने बिना समय गंवाए बच्ची को उठाया और इलाज के लिए अस्पताल लेकर निकल पड़े।

परिजनों ने बताया कि बच्ची की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी समझा गया। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण बच्ची को प्राथमिक उपचार मिल सका।

सदर अस्पताल गुमला में चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की और इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की टीम लगातार बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश और उमस के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर सांप घरों में घुस जाते हैं और कई बार लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। जहरीले सांप के काटने पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) ही प्रभावी उपचार माना जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि कटिंबा और आसपास के इलाकों में बरसात के दिनों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। घरों के आसपास साफ-सफाई रखना और रात के समय सावधानी बरतना जरूरी है।

इस घटना के बाद गांव में भी लोगों के बीच चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि छोटे बच्चे कई बार खतरे को समझ नहीं पाते।

परिजनों की सूझबूझ और समय पर अस्पताल पहुंचाने के कारण बच्ची को बेहतर इलाज मिल सका। फिलहाल डॉक्टर बच्ची की निगरानी कर रहे हैं और उसकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी लोगों से अपील की जाती है कि सांप काटने जैसी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाएं।

करैत सांप को बेहद जहरीला माना जाता है। इसका जहर तंत्रिका तंत्र पर असर डाल सकता है, इसलिए इसके काटने के बाद जल्द से जल्द उपचार मिलना जरूरी होता है।

कटिंबा गांव की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा की अहमियत को सामने ला दिया है। फिलहाल दो वर्षीय परिधि सिंह डॉक्टरों की निगरानी में है और परिवार उसकी सलामती की दुआ कर रहा है।

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