जमशेदपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सोमवार को ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम फॉर मास्टर ट्रेनर्स इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल टेक्नोलॉजी’ का शुभारंभ किया गया। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
यह एक सप्ताह का कार्यक्रम 21 से 25 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसका आयोजन एनआईटी जमशेदपुर और पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (PSSCIVE), भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी जमशेदपुर के डायमंड जुबली लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स स्थित LHC-212 में किया जा रहा है। इसमें एआई और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एआई और डिजिटल तकनीक के तेजी से बदलते स्वरूप को समझने के लिए मास्टर ट्रेनर्स को तैयार करना है। इसके माध्यम से प्रशिक्षकों के तकनीकी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और व्यावसायिक दक्षताओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षकों और प्रशिक्षकों को इन क्षेत्रों में अपडेट रखना जरूरी हो गया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए प्रतिभागियों को एआई आधारित तकनीकों की समझ विकसित करने और उन्हें शिक्षा व प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रभावी रूप से उपयोग करने के लिए तैयार किया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं है, बल्कि प्रशिक्षकों को डिजिटल परिवर्तन के लिए सक्षम बनाना भी है। विशेषज्ञों के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक डिजिटल उपकरणों और तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में व्यावहारिक सत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रतिभागी केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीकों का वास्तविक उपयोग भी सीख सकें।
एआई के बदलते दौर में प्रशिक्षण की जरूरत
वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, अनुसंधान और प्रशासन सहित कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में तकनीकी कौशल रखने वाले प्रशिक्षकों की मांग भी बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और डिजिटल तकनीक की बेहतर समझ से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकता है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से मास्टर ट्रेनर्स को नई तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, जिससे वे आगे अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित कर सकेंगे।
एनआईटी और PSSCIVE की संयुक्त पहल
एनआईटी जमशेदपुर और PSSCIVE भोपाल की यह संयुक्त पहल तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दोनों संस्थानों का उद्देश्य प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत बनाना और डिजिटल युग के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें एआई के उपयोग, डिजिटल टूल्स, तकनीकी कौशल विकास और प्रशिक्षण पद्धतियों पर चर्चा की जाएगी।
युवाओं और शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा लाभ
इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सीधा लाभ शिक्षा क्षेत्र और युवाओं को मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे अपने संस्थानों में एआई और डिजिटल तकनीक से जुड़ी जानकारी साझा कर सकेंगे।
इससे विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने और उनका उपयोग करने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
एनआईटी जमशेदपुर में शुरू हुआ यह कार्यक्रम तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा।