रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने डुमरी से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम कुमार महतो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन संवाददाता सम्मेलन कर विधायक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
एसोसिएशन ने कहा है कि सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यदि अगले पांच दिनों के भीतर विधायक जयराम कुमार महतो की गिरफ्तारी नहीं होती है तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। पुलिस एसोसिएशन ने इसे पुलिस अधिकारियों के सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया है।
विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने धनबाद के एसएसपी को पत्र भी भेजा है। एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने पत्र के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन की धनबाद शाखा की ओर से केंद्रीय समिति को जानकारी दी गई कि 21 अगस्त की रात विधायक जयराम कुमार महतो ने वाट्सएप कॉल के माध्यम से धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार से बातचीत की थी।
एसोसिएशन का आरोप है कि इस बातचीत के दौरान विधायक ने थाना प्रभारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। पुलिस संगठन ने इसे पुलिस अधिकारी के साथ अनुचित व्यवहार बताते हुए आपत्ति जताई है।
पुलिस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि पुलिस अधिकारी भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एसोसिएशन ने मांग की है कि मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि यदि कार्रवाई में देरी होती है तो इससे पुलिस बल के मनोबल पर असर पड़ सकता है।
वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विधायक जयराम कुमार महतो झारखंड की राजनीति में सक्रिय युवा नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनके समर्थकों की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।
पुलिस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को पुलिस अधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करने का अधिकार नहीं है, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
एसोसिएशन के अनुसार, धनबाद शाखा ने घटना की जानकारी केंद्रीय समिति को दी थी, जिसके बाद केंद्रीय स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद एसएसपी से पत्राचार कर कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस संगठन ने कहा है कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। संगठन ने राज्य के सभी पुलिसकर्मियों से जुड़े मुद्दे पर एकजुट रहने का आह्वान भी किया है।
हालांकि, पूरे मामले में पुलिस और विधायक पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन सकती है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और विधायक की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया आती है।
झारखंड में जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों के बीच टकराव का यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है।
फिलहाल पुलिस एसोसिएशन ने अपनी मांग स्पष्ट कर दी है और पांच दिनों की समय सीमा तय करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। अब प्रशासनिक कार्रवाई और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।