ढाई महीने बाद खुला लाश की पहचान का राज, कब्र से निकाला गया शव

छग

Update: 2026-01-08 13:09 GMT
Surajpur. सूरजपुर। जिले के मानपुर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और भावनात्मक मामला सामने आया है, जहां एक युवक के शव को गलत पहचान के चलते दफन कर दिया गया। लेकिन करीब ढाई महीने बाद डीएनए जांच से मृतक की वास्तविक पहचान होने पर प्रशासन और पुलिस ने मजिस्ट्रेट के निर्देश पर कब्र से शव का उत्खनन कर उसे सही परिजनों को सौंपा। इस पूरी कार्रवाई को एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में विधिवत अंजाम दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2025 को मानपुर क्षेत्र के एक कुएं में एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शव की पहचान के लिए प्रयास शुरू किए। इसी दौरान चंद्रपुर क्षेत्र का एक परिवार थाना पहुंचा और शव की पहचान अपने बेटे पुरुषोत्तम के रूप में की। परिजनों की मौजूदगी में शव को दफनाया गया और घर में रीति-रिवाज के अनुसार क्रियाक्रम शुरू हो गया। लेकिन इस घटना ने उस समय हैरान कर देने वाला मोड़ ले लिया, जब क्रियाक्रम के तीसरे दिन घर में मेहमानों के आने के दौरान अचानक वही युवक पुरुषोत्तम जिंदा हालत में अपने घर लौट आया। जिसे देखकर घरवाले और गांव के लोग स्तब्ध रह गए। जिस बेटे को मृत मानकर दफनाया गया था, वह जीवित सामने खड़ा था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
इसके बाद पुलिस ने दोबारा शव की वास्तविक पहचान के लिए जांच तेज की। इसी बीच मानपुर निवासी किशन देवांगन के परिजन थाना पहुंचे और कुएं से मिले शव को अपने बेटे किशन देवांगन का बताते हुए सौंपने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच कराई गई। डीएनए रिपोर्ट में शव की पहचान किशन देवांगन के रूप में पुष्टि हुई। इसके बाद आज एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार की उपस्थिति में कब्र खुदवाकर शव को बाहर निकाला गया। शव को उसकी मां के समक्ष पुनः विधि-विधान से अंतिम संस्कार करते हुए दोबारा कब्र में दफनाया गया। इस दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। मां ने अपने बेटे की कब्र पर अगरबत्ती जलाई और कहा कि अब वह पूरे रीति-रिवाज के साथ क्रिया-कर्म करेंगी।
मृतक की मां ने यह भी कहा कि क्रिया-कर्म पूरा होने के बाद वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगी। उनका आरोप है कि उनके बेटे की मौत सामान्य नहीं है। गांव में कई कुएं हैं, लेकिन शव बहुत दूर एक कुएं में मिला, जिससे किसी साजिश या दुश्मनी की आशंका जताई जा रही है। ढाई महीने के लंबे इंतजार और मानसिक पीड़ा के बाद आखिरकार मां को अपने बेटे किशन देवांगन का अंतिम संस्कार करने का अवसर मिला। फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की चूक दोबारा न हो।
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