रायपुर: राजधानी रायपुर में किराएदारों और घरेलू सहायकों का वेरिफिकेशन अब पहले से आसान हो गया है। मकान मालिकों को सत्यापन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप के जरिए मकान मालिक घर बैठे ही किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन करा सकेंगे।

समाधान ऐप के माध्यम से मकान मालिक किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों की जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अपलोड करनी होगी। इसके बाद पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि पहले सत्यापन के लिए लोगों को थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था, जिससे समय भी अधिक लगता था। अब मोबाइल के जरिए कुछ ही मिनटों में पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे लोगों को कानूनी परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में रहने वाले सभी किराएदारों और काम करने वाले कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं। इससे न केवल अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को जांच करने में भी आसानी होगी। रायपुर पुलिस की यह पहल डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने बताया कि समाधान ऐप की मदद से आसानी से किराएदारों-कर्मचारियों का सत्यापन आसानी से कराया जा सकता है। परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से सत्यापन बेहद जरूरी है। दूसरे राज्यों में अपराध करके रायपुर में छिपने वाले आरोपियों की पहचान इस प्रक्रिया से आसानी से हो सकती है।
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