सिविल लाइन में पुलिस का सख्त अभियान, ACP ने ली गुंडा-बदमाशों की परेड
11 वारंटी गिरफ्तार
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सघन अभियान चलाया। एसीपी रमाकांत साहू और थाना प्रभारी की मौजूदगी में गुंडा, निगरानी बदमाशों और चाकूबाजों को थाने में तलब कर सख्त हिदायत दी गई। इस दौरान बदमाशों के फिंगर प्रिंट और बायोमेट्रिक डेटा का अपडेट भी किया गया। यह कार्रवाई 12 अप्रैल 2026 को सेंट्रल ज़ोन में चलाए गए व्यापक पुलिस अभियान का हिस्सा रही। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल ज़ोन आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मध्य ज़ोन तारकेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुराने हिस्ट्रीशीटर, गुंडा-बदमाश और निगरानी सूची में शामिल व्यक्तियों को थानों में बुलाकर उनकी परेड कराई गई। इसके साथ ही चाकूबाजी के पुराने आरोपियों की सरप्राइज चेकिंग की गई और उनकी गतिविधियों की समीक्षा की गई।
पुलिस ने वारंटियों की तलाश के लिए विशेष दबिश भी दी। जिसमें 11 वारंटियों की गिरफ्तारी की गई। इनमें 8 स्थायी वारंटी शामिल हैं। सभी आरोपियों को विधिवत कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान बदमाशों को आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने, नियमित थाना हाजिरी देने और कानून का पालन करने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए NAFIS सिस्टम में फिंगरप्रिंट एंट्री की गई। पुलिस के समेकित विश्लेषण के अनुसार 132 गुंडा एवं निगरानी बदमाशों में लगभग 28 प्रतिशत थाने में उपस्थित हुए, 20 प्रतिशत अपने घरों में नहीं मिले और फरार पाए गए, जबकि करीब 24 प्रतिशत वर्तमान में जेल में बंद हैं। शेष बदमाशों की उनके निवास स्थान पर जाकर जांच की गई। पुलिस ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। इसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों में कानून का भय स्थापित करना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फरार बदमाशों की तलाश तेज कर दी गई है और उनके खिलाफ अलग से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस की निगरानी आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।