छत्तीसगढ़ में बहुमंजिला भवनों के लिए फायर और लिफ्ट सुरक्षा नियमों पर सख्ती

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Update: 2026-06-26 15:08 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) और लिफ्ट सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को विस्तृत एडवाइजरी भेजी गई है। जारी निर्देशों में कहा गया है कि बहुमंजिला आवासीय, वाणिज्यिक तथा मिश्रित उपयोग वाले भवनों में रहने वाले नागरिकों और आगंतुकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए फायर सेफ्टी सिस्टम और लिफ्ट संचालन से जुड़े सभी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह दिशा-निर्देश राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों तथा छत्तीसगढ़ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2018 के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य भवनों में आग से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है। निर्देशों के अनुसार सभी नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला भवनों की जांच सुनिश्चित करनी होगी। यह भी देखा जाएगा कि फायर सेफ्टी उपकरण जैसे अग्निशमन यंत्र, अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और आपात निकासी मार्ग पूरी तरह से मानकों के अनुरूप हों या नहीं। इसके साथ ही लिफ्ट संचालन की सुरक्षा व्यवस्था, नियमित मेंटेनेंस और तकनीकी जांच को भी अनिवार्य किया गया है।
राज्य सरकार ने सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भवन प्रबंधन समितियों, हाउसिंग सोसायटियों, कॉलोनाइजरों और मेंटेनेंस एजेंसियों को इन नियमों की विस्तृत जानकारी दें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि सभी भवन स्वामी और प्रबंधक सुरक्षा मानकों का पालन करें। सरकार ने यह भी कहा है कि फायर सेफ्टी को लेकर नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि आपात स्थिति में लोग सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
लिफ्ट सुरक्षा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लिफ्ट की नियमित जांच, तकनीकी प्रमाणन और आपातकालीन अलार्म सिस्टम की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निकायों को यह भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र में स्थित पुराने बहुमंजिला भवनों की विशेष जांच करें और जहां सुधार की आवश्यकता हो वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाएं। इसके साथ ही नए भवनों के निर्माण के समय ही सभी सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू कराया जाए। राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और बहुमंजिला भवनों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में जान-माल की क्षति को रोका जा सके।
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