ऑपरेशन प्रहार: अवैध कबाड़ से भरे ट्रक और माजदा वाहन पर वैधानिक कार्रवाई
छग
Raigarh. रायगढ़। जिले में अवैध कबाड़ के कारोबार पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत रायगढ़ पुलिस ने खरसिया क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम टेमटेमा स्थित स्काई पावर प्लांट के पास संदिग्ध हालत में खड़े वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में कबाड़ से भरे एक ट्रक और माजदा वाहन के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को अवैध कबाड़ के संग्रहण और परिवहन पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी 2026 की शाम थाना प्रभारी राजेश जांगड़े को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि स्काई पावर प्लांट के गेट के बाहर तीन संदिग्ध वाहन कबाड़ लोड कर खड़े हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 13 N 7028 में चालक कुंभकरण सिदार मौजूद मिला। पुलिस ने चालक से वाहन में लदे सामान के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। दस्तावेजों के परीक्षण में परिवहन नियमानुसार पाया गया, जिस पर वाहन को जाने की अनुमति दे दी गई। वहीं, मौके पर खड़े अन्य दो वाहन— ट्रक क्रमांक OR 06 H 7626 और माजदा वाहन क्रमांक CG 13 AZ 0819 में भारी मात्रा में कबाड़ लोड मिला। दोनों वाहनों के पास कोई चालक या संबंधित व्यक्ति उपस्थित नहीं था।
तलाशी के दौरान कबाड़ के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे परिवहन और संग्रहण संदिग्ध पाया गया। संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए थाना खरसिया थाना पुलिस ने वाहन स्वामियों एवं संपत्ति के विरुद्ध धारा 106 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत वैधानिक कार्यवाही की। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध कबाड़ के कारोबार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ के संग्रहण और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चोरी और उससे जुड़े अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार कठोर कदम उठाती रहेगी। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन और आरक्षक अशोक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।