Raipur. रायपुर। बाइक-टैक्सी और राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म रेपिडो का संचालन करने वाली रोप्पेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज पर केंद्रीय ग्राहक संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई ऐप पर यात्रियों को अधिक किराया देने के लिए प्रेरित करने वाले कथित भ्रामक डिजाइन और अनुचित व्यापार व्यवहार को लेकर की गई है। मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अगुवाई में प्राधिकरण ने मामले की जांच के बाद यह कार्रवाई की।
जांच में रेपिडो ऐप पर राइड बुकिंग के दौरान यात्रियों को दिखाए जाने वाले संदेशों और ऐप के डिजाइन पर सवाल उठाए गए। आरोप है कि यात्रियों को ऐसे संदेश दिखाए जाते थे, जिनसे उन्हें यह महसूस हो सकता था कि ज्यादा किराया देने पर ही जल्दी वाहन या कैप्टन मिलेगा। राइड बुक करते समय कथित तौर पर यात्रियों को किराया बढ़ाने के लिए प्रेरित करने वाले संदेश दिखाई देते थे। इनमें चालक के मौजूदा किराए पर राइड स्वीकार नहीं करने और कुछ अतिरिक्त राशि जोड़ने जैसे संकेत शामिल थे। CCPA ने माना कि इस तरह की व्यवस्था उपभोक्ता के स्वतंत्र निर्णय को प्रभावित कर सकती है, खासकर तब जब उसे तत्काल यात्रा की आवश्यकता हो।
मामला केवल संदेशों तक सीमित नहीं था। जांच में ऐप के यूजर इंटरफेस और किराया चुनने की प्रक्रिया को भी देखा गया। आरोप है कि किराया बढ़ाने के विकल्प को ज्यादा आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जबकि किराया कम करने की स्थिति में अलग तरह के विजुअल संकेत दिखाई देते थे। इस तरह के डिजाइन को डिजिटल प्लेटफॉर्म की भाषा में ‘डार्क पैटर्न’ से जोड़कर देखा जाता है। इसका मतलब ऐसी डिजाइन तकनीकों से है, जिनके जरिए उपभोक्ता के निर्णय को किसी खास दिशा में प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
प्राधिकरण ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब शुरुआती किराए की गणना दूरी, समय और अन्य संबंधित कारकों के आधार पर हो चुकी है तो राइड शुरू होने से पहले अतिरिक्त भुगतान के लिए उपभोक्ता को क्यों प्रेरित किया जा रहा है। नियामक का मानना है कि स्वैच्छिक टिप या बख्शीश और राइड प्राप्त करने के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करने के दबाव में अंतर है। टिप यात्री की इच्छा पर निर्भर होनी चाहिए और उसे राइड मिलने की शर्त के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
कंपनी की ओर से इसे चालक और यात्री के बीच किराए को लेकर सामान्य संवाद से जोड़ने का तर्क दिए जाने की बात सामने आई, लेकिन प्राधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण के नजरिए से ऐप के डिजाइन और उसमें दिखाई देने वाले संदेशों की समीक्षा की। यह मामला ऐप आधारित टैक्सी और परिवहन सेवाओं में उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर बढ़ती नियामकीय निगरानी की ओर भी इशारा करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किराया, अतिरिक्त शुल्क, कैंसिलेशन और अलग-अलग बुकिंग विकल्पों को उपभोक्ता के सामने स्पष्ट और निष्पक्ष तरीके से पेश करना जरूरी माना जाता है। अन्य ऐप आधारित कैब एग्रीगेटर्स की कार्यप्रणाली को लेकर भी नियामकीय स्तर पर शिकायतें और जांच सामने आती रही हैं। ऐसे में यह कार्रवाई पूरे ऐप आधारित परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CCPA की कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि डिजिटल इंटरफेस या मनोवैज्ञानिक संकेतों का इस्तेमाल कर ग्राहकों को ऐसा विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करना, जिससे उन्हें अतिरिक्त भुगतान करना पड़े, उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में जांच का विषय बन सकता है।
Tags: