नाबालिग गैंग का थार खरीदने के लिए की सोना चोरी, 15 तोला जेवर बरामद, 5 गिरफ्तार

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Update: 2026-03-17 16:31 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में नाबालिग स्टूडेंट्स द्वारा की गई चोरी और ब्लैकमेल की घटना ने सभी को चौंका दिया है। नाबालिगों ने थार गाड़ी खरीदने के लिए अपने ही नाबालिग दोस्त और भारतीय सेना के रिटायर्ड जवान के बेटे को उकसाकर घर से 15 तोला सोना चोरी कराया। इस सनसनीखेज घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार को इसकी भनक लगी। बहतराई निवासी सुशील कुमार शर्मा, जो भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं, ने 14 मार्च को सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में बताया गया कि उनके बेटे के मित्रों ने मिलकर घर से जेवर चोरी कर थार खरीदने की योजना बनाई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तत्काल जांच शुरू की और नाबालिगों के कब्जे से चोरी किए गए गहने बरामद किए। टीआई प्रदीप आर्या ने बताया कि पूछताछ में नाबालिगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। योजना के तहत नाबालिग ने अपने घर से जेवर चोरी किया, जबकि अन्य दोस्तों ने नकली जेवर लाकर असली सोना चुराया।

सोना बेचकर गाड़ी खरीदने की योजना
नाबालिगों ने चोरी किए गए जेवरों को बेचकर थार खरीदने का प्लान बनाया था। पैसे बेचने के बाद गाड़ी खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं थे, इसलिए उन्होंने रकम खर्च कर दी। पैसे खत्म होने पर उन्होंने साथी को दबाव डालकर और मारपीट करके फिर से जेवर लाने के लिए उकसाया।

जेवर बेचने का नेटवर्क और खरीदार
जांच में पता चला कि कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को चोरी किए गए जेवर बेचने के लिए दिए गए थे। इस युवक ने गांधी चौक के पास एक ज्वेलरी व्यवसायी को जेवर बेचे। पहली बार में लगभग चार लाख रुपए के गहने बेचे गए। साथ ही, युवक के एक रिश्तेदार ने भी नाबालिगों को झांसे में लेकर करीब 5 तोला सोना कम दाम में खरीदा। कुछ सोना उन्होंने गिरवी रखकर पैसे दिए। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत दो अन्य खरीदारों को गिरफ्तार किया। कुल मिलाकर 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए।

पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में नाबालिग समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि परिवार के पूछताछ के बाद ही पूरा मामला सामने आया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कुछ रसूखदार परिवारों के बच्चे भी इस योजना में शामिल थे। नाबालिग के परिवार को घर से जेवर गायब होने की जानकारी मिली। उन्होंने बेटे से पूछताछ की, जिससे पूरी साजिश सामने आई। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिससे पुलिस कार्रवाई में जुट गई।

पुलिस का संदेश
पुलिस ने कहा कि यह मामला नाबालिग अपराध और ब्लैकमेल की गंभीरता को दर्शाता है। ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी नाबालिग या अन्य व्यक्ति से चोरी या अपराध संबंधी जानकारी मिले, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचित करें। बिलासपुर में नाबालिग गैंग का यह कांड न केवल चोरी और ब्लैकमेल की योजना की गंभीरता दिखाता है, बल्कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहनों की बरामदगी से अपराधियों को चेतावनी भी मिलती है।
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