Raipur. रायपुर। पुलिस मुख्यालय के निर्देश तथा पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में रायपुर कमिश्नरेट में चल रहे अर्बन पुलिसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को आकर्षक मार्च पास्ट एवं प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रक्षित केंद्र रायपुर के परेड ग्राउंड में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न 25 जिलों से आए 247 पुरुष नव आरक्षक और 47 महिला नव आरक्षक सहित रायपुर जिले के 22 नव नियुक्त आरक्षक शामिल हुए। कुल मिलाकर बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपने अनुशासन व प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नव आरक्षकों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट से हुई, जिसमें अनुशासन, समन्वय और उत्साह का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान 11 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया, जिनमें 8 पुरुष और 3 महिला प्लाटून शामिल थीं। सभी प्लाटूनों ने एकजुटता और तालमेल के साथ प्रभावशाली परेड प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित अधिकारियों ने सराहा। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने अपने संबोधन में नव आरक्षकों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि अर्बन पुलिसिंग प्रशिक्षण का उद्देश्य नव आरक्षकों को शहरी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और संवेदनशील परिस्थितियों में प्रभावी पुलिसिंग के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित और कुशल पुलिसकर्मी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षकों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का ज्ञान दिया गया है। इसमें कानून से संबंधित प्रमुख अधिनियम जैसे भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, पुलिस रेगुलेशन और थाना कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी शामिल है। इसके साथ ही उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, धरना-प्रदर्शन नियंत्रण और वीआईपी ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया गया। आउटडोर प्रशिक्षण के अंतर्गत पीटी, योग, शारीरिक दक्षता अभ्यास, मार्च पास्ट, बलवा ड्रिल, सुरक्षा घेरा निर्माण, और आपदा प्रबंधन से जुड़े अभ्यास कराए गए, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नव आरक्षकों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और जनसंपर्क कौशल विकसित करना है, जिससे वे भविष्य में अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 88 नव आरक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे सभी प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले, पुलिस उपायुक्त पश्चिम संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल, डॉ. अर्चना झा, आकाश मरकाम, दौलत राम पोर्ते, सहायक पुलिस आयुक्त सतीश ठाकुर, निलेश द्विवेदी तथा रक्षित निरीक्षक अनीष सारथी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन ने पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता और नव आरक्षकों की क्षमता को प्रदर्शित किया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण भविष्य में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाएगा।