पेयजल में ई-कोलाइटिस बैक्टीरिया की पुष्टि, नवागढ़ वार्ड में पीलिया के 42 मरीज

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Update: 2026-02-21 18:24 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के नवागढ़ वार्ड में पेयजल सप्लाई के पानी में खतरनाक ई-कोलाइटिस बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है। इलाके में पिछले करीब एक महीने से पीलिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में अब तक वार्ड के 42 लोग पीलिया से पीड़ित पाए गए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य अमला और नगर निगम दोनों ही अलर्ट मोड पर आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद किदवई वार्ड के कई निवासी बीमार होकर शहरी
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स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ पहुंच रहे थे। डॉक्टरों ने मरीजों में पीलिया के लक्षण—त्वचा का पीला पड़ना, भूख न लगना, कमजोरी और बुखार देखते हुए आवश्यक जांच कराई। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर पीने के पानी की सैंपलिंग कराई। जांच रिपोर्ट में पानी के नमूनों में ई-कोलाइटिस बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, जो गंभीर जनस्वास्थ्य चिंता का विषय माना जाता है।
नवागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉक्टर डॉ. जया अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग पीलिया जैसे लक्षणों के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे थे। पानी की प्रयोगशाला जांच में 100 से अधिक बैक्टीरिया का स्तर पाया गया, जो मानकों के अनुरूप नहीं है। रिपोर्ट में ई-कोलाइटिस बैक्टीरिया की अधिक मात्रा दर्ज की गई है, जो दूषित पानी का संकेत देती है और पीलिया सहित अन्य जलजनित रोगों का कारण बन सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) के कार्यपालन अभियंता को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। साथ ही नगर निगम को भी पेयजल सप्लाई व्यवस्था की तत्काल जांच और सुधार के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में सक्रिय होकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और आवश्यकतानुसार ब्लड सैंपल लेने की तैयारी कर रही हैं। मोमिनपुरा वार्ड क्रमांक 40 में भी एहतियात के तौर पर सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। शनिवार को नगर निगम का अमला भी नवागढ़ वार्ड पहुंचा और पेयजल के नमूने एकत्र किए। निगम द्वारा पाइपलाइन, जलस्रोत और सप्लाई सिस्टम की तकनीकी जांच कराई जा रही है। नगर निगम के जल प्रभारी एवं असिस्टेंट इंजीनियर प्रशांत खुल्लर ने कहा कि उन्हें पूर्व में दूषित पानी की सप्लाई की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि जांच के आधार पर पाइपलाइन में सुधार, लीकेज की मरम्मत और जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पानी को उबालकर ही पिएं, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और पीलिया के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच कराएं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते दिनों नलों से गंदा और मटमैला पानी आने की शिकायतें की गई थीं। अब जांच में बैक्टीरिया की पुष्टि के बाद प्रशासनिक अमले की सक्रियता बढ़ गई है। फिलहाल स्वास्थ्य और नगर निगम विभाग संयुक्त रूप से स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों में जुटे हैं।
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