दुर्ग पुलिस ने 175 गुम मोबाइल बरामद कर मूल्यवान 36 लाख रुपए की संपत्ति स्वामियों को लौटाई
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Durg. दुर्ग। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देश पर जिले में गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी और वितरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट (ACCU) ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान कुल 175 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 36 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के थे और उन्हें दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर क्षेत्रों से इकट्ठा किया गया।
जिले में पिछले वर्ष 2024-2025 के दौरान लगातार मोबाइल गुम होने की शिकायतें प्रार्थियों द्वारा थानों में दर्ज कराई जा रही थीं। इन शिकायतों के आलोक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि गुम हुए मोबाइल की खोज कर उन्हें सुपुर्द प्रार्थियों किया जाए। इसके लिए जिला के सभी थाना प्रभारीयों के नेतृत्व में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट टीम सक्रिय हुई और बड़े पैमाने पर मोबाइल फोन की बरामदगी की कार्रवाई शुरू की गई।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान में टीम ने पूरे जिले में सतर्कता और मेहनत से काम किया। IMEI नंबरों के मिलान के बाद मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामियों की पहचान की गई। अब इन मोबाइल फोन को विधिवत उनके मालिकों को वितरण किया जा रहा है। इस अभियान में एंटी क्राइम और साइबर यूनिट टीम की भूमिका उल्लेखनीय और सराहनीय रही।
बरामद मोबाइल फोन की सूची वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर) पर अपलोड की जाएगी, ताकि जिन प्रार्थियों का मोबाइल गुम हुआ था वे आसानी से अपना मोबाइल पहचान कर प्राप्त कर सकें। मोबाइल फोन सेक्टर-3 स्थित एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट कार्यालय से स्वामी अपने मोबाइल ले सकते हैं।
जिला पुलिस ने इस अभियान को गुम हुए मोबाइल की त्वरित बरामदगी और जनता की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान न केवल मोबाइल चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद करेगा, बल्कि नागरिकों में पुलिस की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता को भी बढ़ाएगा।
इस पहल से यह भी स्पष्ट हुआ कि एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट जिले में तकनीकी अपराधों की रोकथाम और गुम मोबाइल फोन की खोज में अग्रणी भूमिका निभा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी गुम मोबाइल की सूचना तत्काल थाने या साइबर यूनिट को दें ताकि आगे भी ऐसे अभियानों के माध्यम से संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस प्रकार, दुर्ग पुलिस की सक्रियता और समन्वय ने 175 मोबाइल फोन को उनके सही मालिकों तक पहुंचाकर 36 लाख रुपए मूल्यवान संपत्ति सुरक्षित की है और जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।