संवेदनशील पहल: गुमशुदा मानसिक रूप से परेशान महिला को सुरक्षित परिजनों से मिलाया
रायगढ़ पुलिस ने किया कारनामा
Raigarh. रायगढ़। कोतवाली पुलिस ने डायल-112 की तत्परता और अपनी सतर्कता के चलते एक मानसिक रूप से परेशान गुमशुदा महिला को सुरक्षित ढूंढकर उसके परिजनों से मिलाया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना की जा रही है। मामला 01 जुलाई का है, जब डायल-112 को सूचना मिली कि श्री साईं हेरिटेज, ढिमरापुर क्षेत्र के पास एक महिला भटक रही है और बार-बार सक्ती जाने की बात कह रही है। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित थाना कोतवाली लेकर आई।
थाने में महिला से पूछताछ की गई, लेकिन वह अपनी मानसिक स्थिति के कारण केवल अपना नाम ही बता पा रही थी और बार-बार सक्ती जाने की जिद कर रही थी। वह अपने घर का पता या परिजनों का संपर्क नंबर भी नहीं बता सकी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और रात में उसे सखी सेंटर में सुरक्षित ठहराया। अगले दिन थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल के निर्देश पर महिला की पहचान के प्रयास तेज किए गए। महिला की तस्वीर विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप्स में साझा कर परिजनों की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोग थाना कोतवाली पहुंचे।
गुमशुदगी की जानकारी दी। पुलिस ने जब उन्हें महिला का फोटो दिखाया तो उन्होंने उसे अपने परिवार की सदस्य के रूप में पहचान लिया। परिजनों ने बताया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती है और कभी-कभी बिना बताए घर से निकल जाती है। महिला का मायका रायगढ़ और ससुराल सक्ती होने की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। महिला के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने रायगढ़ पुलिस और डायल-112 टीम के प्रति आभार जताया।
उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की सराहना की। पुलिस प्रशासन ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर आमजन की सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सहायता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह कार्रवाई भी उसी संवेदनशील पुलिसिंग का उदाहरण है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, सहायक उप निरीक्षक कोसो सिंह जगत, महिला आरक्षक अनीता बेक, डायल-112 के आरक्षक एडवर्ड कुजूर और ईआरवी वाहन चालक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।