CG BREAKING: ईंट भट्ठे की पानी टंकी गिरने से दो महिलाओं की मौत
मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें ईंट बनाने के लिए बनाई गई पानी टंकी की दीवार अचानक गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई और एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम चिखिल डेम के किनारे हुई। जानकारी के अनुसार, दोनों महिलाएं बलौदाबाजार की रहने वाली थीं और ईंट भट्ठे में काम करने परिवार के साथ गई थीं। घटना के समय महिलाएं और बच्चे पानी टंकी के नीचे नहाने बैठे थे, तभी टंकी की दीवार टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर गई। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
मृतक महिलाओं की पहचान चंद्रकला पत्नी निंद कुमार (45 वर्ष) और आशा बारले पत्नी सूरज बारले (29 वर्ष) के रूप में की गई है। घटना के बाद दोनों महिलाओं को संजीवनी हॉस्पिटल दल्लीराजहरा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डौंडी थाना पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर शून्य में मामला दर्ज किया है। डायरी दर्ज होने के बाद पुलिस इस हादसे की पूरी जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि पानी टंकी की दीवार अचानक क्यों गिरी। स्थानीय लोग और भट्ठे के कर्मचारी हादसे से स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि यह टंकी ईंट बनाने के कार्य के लिए बनाई गई थी।
लेकिन संरचना कमजोर होने के कारण अचानक ढह गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी इस तरह के दुर्भाग्यपूर्ण हादसों की बड़ी वजह बन सकती है। इस घटना ने आसपास के इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग घटना स्थल पर पहुंचकर मदद करने की कोशिश की। बच्ची को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया और घायल बच्ची को सुरक्षित इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार, घटना स्थल और भट्ठे के मालिक से पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या भट्ठे में सुरक्षा मानक का पालन किया गया था और जिम्मेदार कौन हैं।
हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य और ईंट भट्ठों में सुरक्षा उपायों की कमी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने और सुरक्षा मानकों को लागू कराने की जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भट्ठे या निर्माण स्थलों पर बच्चों और महिलाओं को बिना सावधानी के न भेजें, क्योंकि इस तरह की दुर्घटनाएं कभी भी हो सकती हैं। इस घटना से स्पष्ट है कि सुरक्षा उपायों की अनदेखी और संरचना की कमजोरी सीधे जानलेवा साबित हो सकती है। बलौदाबाजार की दोनों महिलाओं की मौत ने परिवार और पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। पुलिस की प्राथमिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आएगी कि यह दुर्घटना सुरक्षा मानकों की कमी के कारण हुई या कोई अन्य वजह थी। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि निर्माण स्थलों और ग्रामीण भट्ठों में सुरक्षा और सावधानी का पालन कितनी अहमियत रखता है।