CG BREAKING: साइबर ठगी में इस्तेमाल 250 म्यूल खातों का खुलासा, 11 आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। मोहन नगर थाना और सुपेला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल खातों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 250 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों में 1.88 करोड़ रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गृह मंत्रालय भारत सरकार के समन्वय पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह जांच शुरू की गई थी। जांच में मोहन नगर और सुपेला क्षेत्र के विभिन्न बैंक शाखाओं में संचालित खातों की गहन समीक्षा की गई। इसमें कर्नाटका बैंक (स्टेशन रोड दुर्ग) के 111 खाते और फेडरल बैंक (दक्षिण गंगोत्री सुपेला) के 105 खातों सहित कुल 250 से अधिक संदिग्ध खातों की पहचान की गई।
इन खातों में कुल 1,88,67,554 रुपये का साइबर ठगी से संबंधित लेनदेन पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि खाताधारकों ने अपने बैंक खातों का उपयोग अवैध रूप से साइबर ठगी की राशि प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए किया था। इस तरह का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जो देश के विभिन्न राज्यों में हुई ठगी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही इस तरह के मामलों में 150 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान कार्रवाई में मोहन नगर थाना में अपराध क्रमांक 07/2025 और सुपेला थाना में अपराध क्रमांक 32/2025 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवधर साहू (25), गोविंदा डहरिया (26), साहिल टेम्बेकर (19), धर्मेन्द्र सिंह (27), एस. त्रिमोला (29), प्रदीप कुमार उइके (38), भोजराज प्रजापति (44), हेमंत साहू (28), सन्नी चौहान (25), प्रिया सिंह (29) और आरती मारकण्डे (26) शामिल हैं। सभी आरोपी भिलाई और दुर्ग क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग अपने बैंक खाते अन्य लोगों को उपलब्ध कराकर कमीशन के आधार पर लाभ कमा रहे थे, जो साइबर अपराध में सहयोग की श्रेणी में आता है।
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी की जानकारी साझा न करें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। साथ ही साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच तेज कर दी गई है। यह कार्रवाई मोहन नगर और सुपेला थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें थाना प्रभारी विजय यादव सहित कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।