Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आगामी 30 जुलाई (मंगलवार) को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (मंत्रिमंडल कक्ष) में होगी, जिसमें विभिन्न अहम विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तावित रजत जयंती वर्ष आयोजन की रूपरेखा पर विचार किया जाएगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में चालू खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति की स्थिति, कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दे, और ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा संभावित है। हाल ही में किसानों की ओर से खाद की किल्लत और वितरण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर उठी चिंताओं के मद्देनजर खाद वितरण की समीक्षा भी बैठक का एक मुख्य बिंदु होगा।
कैबिनेट में राज्य निर्माण की रजत जयंती वर्ष (Silver Jubilee Year) को भव्य और ऐतिहासिक रूप से मनाने की योजना पर भी गहन मंथन होगा। छत्तीसगढ़ राज्य को 1 नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से पृथक कर बनाया गया था, और इस वर्ष राज्य 25वां स्थापना वर्ष मना रहा है। इसके अंतर्गत 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक विभिन्न जनकल्याणकारी, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विकासपरक कार्यक्रम पूरे राज्य में चलाए जाएंगे।प्रस्तावित कार्यक्रमों में राज्य की उपलब्धियों का जनसंवाद, विभिन्न विभागों द्वारा '25 वर्षों की यात्रा' विषयक प्रदर्शनियां, जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ब्लॉक और जिला स्तरीय आयोजन, तथा उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा विभाग द्वारा विशेष थीम आधारित समारोह शामिल किए जाएंगे।
कैबिनेट बैठक में इन आयोजनों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की संभावना है। इसके अलावा कैबिनेट में शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, वन विभाग और राजस्व विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है। कुछ विभागीय फेरबदल और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी प्रस्ताव रखे जा सकते हैं। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री, मंत्रिगण, मुख्य सचिव, सचिव स्तर के अधिकारी और संबंधित विभाग प्रमुख उपस्थित रहेंगे। सभी विभागों को कैबिनेट एजेंडा प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार के लिए यह बैठक राजनैतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके माध्यम से आगामी महीनों में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और विकास के एजेंडे की दिशा तय की जाएगी।